सोनभद्र। आयुष्मान के शुरुआती दौर में बरती गई गड़बड़ियां पात्रों के लिए भारी पड़ रही है। ऐसे ढेरों मामले सामने आए हैं, जिसमें कार्ड तो किसी और के नाम बना हुआ है लेकिन उसका विवरण खोलने पर किसी और का नाम दर्ज बता रहा है। आयुष्मान सूची से मेल न खाने के कारण जहां ऐसे कार्डधारकों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
वहीं गलत तरीके से बनवाए गए कार्डों में जिन लाभार्थियों के नाम जुड़ गए हैं। उनका भी कार्ड नहीं बन पा रहा है। ऐसी संख्या एक दो नहीं सैकड़ों में है। हर तीसरे दिन पहुंच रहा इस तरह का मामला स्वास्थ्य महकमे के लिए भी सिरदर्द बन गया है।
जिले में मौजूद ऐसे मामलों को जहां सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। वहीं मार्च में सामने आए ऐसे मामलों में कार्ड निरस्तीकरण के लिए एक रिपोर्ट भी मुख्य कार्यपालक अधिकारी लखनऊ को भेजी गई है। बताते चलें कि शुरुआती दौर में आयुष्मान कार्ड जनसेवा केंद्रों के जरिये भी बनाए जा रहे थे। बताया जा रहा है बड़ी संख्या मेें ऐसे लोगों ने तत्कालीन पोर्टल प्रणाली की खामियों का फायदा उठाकर आयुष्मान कार्ड अपने नाम बनवा लिया जिनका नाम पात्रों की सूची में नहीं था।
इसमें कई ऐसे लोगों के नाम आयुष्मान कार्ड जारी हो गया कि इसमें कार्ड के ऊपर नाम और फोटो तो उनकी है लेकिन पोर्टल पर उसका विवरण खोलने पर नाम किसी और का सामने आ रहा है। वहीं कई ऐसे लोग हैं जिनके परिवार की संख्या महज दो या तीन हैं लेकिन उसमे कई और नाम जुड़ गए हैं, इसके चलते भी उन्हें आयुष्मान कार्ड का लाभ लेने में दिक्कत आ रही है।