बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के हुए मनमाना तबादलों को लेकर अब बड़े स्तर पर जांच होगी। एडी बेसिक, सीडीओ और एडीएम की टीम इस शिक्षा सत्र में हुए तबादलों की जांच तो करेगी। साथ ही सचिव बेसिक शिक्षा लखनऊ के पत्र पर हुए तबादलों की भी जांच की जाएगी। डीएम सीबी सिंह ने कहा है कि जिले में सौ से डेढ़ सौ शिक्षकों के तबादले किए गए हैं। तबादला और समायोजन से जुड़ी एक एक फाइलों को खंगलवा रहे हैं।
सूत्रों की माने तो बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से शिक्षकों के तबादले से लेकर अन्य कार्यों के लिए मनमानी वसूली की जाती है। रुपये के बल पर शिक्षकों को नगरीय क्षेत्रों से सटे तो शिक्षिकाओं को दूरस्थ गांव में तैनाती दे दी जाती है, इस बात का खुलासा परत दर परत होने लगा है। डीएम सीबी सिंह ने तबादले से जुड़े पिछले एक साल तक के सभी अभिलेखों को तलब किया है।
तबादलों का हाल यह है कि शिक्षिकाओं को दूरस्थ इलाकों के विद्यालयों में भेजा जाता था। पिछले तीन माह में विभाग ने जितने भी तबादले हुए हैं उनसे घूस लेने की बात सामने आई है। इसमें एक लिपिक राजेश जायसवाल का नाम आया है। जानकारी होने पर डीएम ने उन्हें कलेक्ट्रेट से संबद्ध कर दिया। जबकि दूसरा लिपिक बीबी पांडेय शिक्षामित्र की नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली करने के मामले में बुधवार को गिरफ्तार हो चुका है।
अब जिलाधिकारी ने इस शिक्षा सत्र में हुए सभी तबादलों की जांच कराने का निर्णय लिया है। एडीएम रामचंद्र ने बताया कि उन्होंने निरीक्षण में तबादले से जुड़ी 93 फाइलें जब्त की हैं और अन्य फाइलें बीएसए से तलब की हैं। जल्द ही इस पर जांच कर डीएम को सौंपी जाएगी।