ओबरा। ओबरा स्थित इंतजामिया कमेटी में लंबे समय से चल रही खींचतान और वित्तीय गड़बड़ियों के बीच बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। कमेटी के सचिव राज अली की संस्तुति पर सदर मोहम्मद हुसैन वहीदी ने पूरी कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। सदर को भेजे पत्र में सचिव ने आरोप लगाया कि संस्था के पूर्व कैशियर ने न तो कैश बुक जमा कराई और न ही आय-व्यय का कोई ब्योरा प्रस्तुत किया। उनके कार्यकाल के दौरान बैंक खातों से मोटी रकम निकाली गई, लेकिन पूछने पर जिम्मेदार विभागों को गुमराह किया जाता रहा। यही नहीं, संबंधित पदाधिकारी फरवरी 2025 से बिना किसी पूर्व सूचना के बैठकों से लगातार नदारद रहे। आरोप है कि मदरसे की देखरेख की जिम्मेदारी जिस सदस्य को दी गई थी, उनके कार्यकाल में संस्थान का काफी सामान गायब हो गया और कागजों पर महीने का खर्च जरूरत से ज्यादा दर्शाया गया। इसके अलावा मदरसे के हॉल पर अवैध रूप से कब्जा जमाकर उसे गोदाम में तब्दील कर दिया गया। कमेटी सचिव का कहना है कि सदस्यों की इस कार्यशैली से न सिर्फ संस्था को भारी आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि सामाजिक सौहार्द पर भी बुरा असर पड़ रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर मोहम्मद हुसैन वहीदी ने पूरी कार्यकारिणी भंग कर मामला संस्था के सरपरस्त को सौंपने की अपील की है, ताकि नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव कराकर व्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके।