सोनभद्र। कोरोना की तीसरी लहर बच्चों को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। डीएम अभिषेक सिंह के निर्देश पर जिला अस्पताल परिसर में अलग से बच्चों के लिए कोविड अस्पताल बन रहा है। बर्न यूनिट और ट्रामा सेंटर में बच्चों के इलाज की समुचित व्यवस्था होगी। ओबरा तापीय परियोजना बच्चों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराएगी।
जिले में वर्ष 2020 में कोरोना की पहली लहर आई थी। उस दौरान कोरोना की चपेट में आने से दर्जनों लोगों की मौत हो गर्ई थी। लेकिन मार्च 2021 में कोरोना की दूसरी लहर की शुरूआत हुई और अब तक सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक ऑक्सीजन के अभाव में लोगों की जाने गई हैं। हालांकि वर्तमान में स्थिति काफी कंट्रोल है और कोरोना से मरने वालों की संख्या कम हो गई है। क्योंकि उपचार की व्यवस्था हो चुकी है। जिला अस्पताल में संचालित एल.2 कोविड हॉस्पिटल में 296 बेड है। आक्सीजन सपोर्टेड बेड 116 है और 69 अतिरिक्त आक्सीजन सपोटेंड बेड है। नौ निजी चिकित्सालयों को कोविड मरीजों को एल.2 स्तर की चिकित्सा के लिए अधिकृत किया गया है।
करहिया आक्सीजन प्लांट और सदगुरू गैस पटवध में सिलेंडर के रिफिलिंग का कार्य हो रहा है। दोनों आक्सीजन प्लांट से प्रतिदिन करीब साढ़े पांच सौ सिलेंडर की रिफिलिंग हो रही है।
सीएचसी म्योरपुर और पीएचसी मधुपुर को भी कोविड अस्पताल बनाया जा रहा है। अब जिला प्रशासन कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उनके अलग से जिला अस्पताल परिसर में स्थित बर्न यूनिट और ट्रामा सेंटर में कोविड अस्पताल बनवा रहा है। यहां पर बेड लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। ताकि जरूरत पडने पर कोरोना से पीड़ित बच्चों का समुचित इलाज किया जा सकें। क्योंकि अब तक जिले में दो-तीन बच्चे कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। आइसोलेशन में सभी बच्चों को रख कर इलाज किया जा रहा है।
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जिला अस्पताल में आक्सीजन का हो रहा उत्पादन
सोनभद्र। जिला संयुक्त चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को जरूरत के मुताबिक आक्सीजन मुहैया कराने के लिए हिंडाल्को इंडस्ट्रीज रेणुकूट व अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड डाला इकाई के सामाजिक नैगमिक दायित्व सीएसआर मद के सहयोग से आक्सीजन कंस्ट्रेटर प्लांट स्थापित होकर क्रियाशील है। जिला अस्पताल में स्थापित आक्सीजन कंस्ट्रेटर, आक्सीजन प्रोडेक्शन प्लांट से प्रति मिनट 45 लीटर आक्सीजन गैस तैयार हो रही है, जो जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को सीधे आपूर्ति की जा रही है। जरूरत के मुताबिक एक साथ आठ से 10 जरूरतमंद मरीजों को सीधे पाइप लाइन के द्वारा जीवनदायी आक्सीजन गैस की आपूर्ति की जा रही है।
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बच्चों के खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत
सोनभद्र। कोविड-19 की तीसरी लहर आने पर बच्चों को सबसे अधिक खतरा बताया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों के खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बच्चों का रोग प्रतिरोधक क्षमता जितना अधिक स्ट्रांग होगा उतना ही वह सुरक्षित रहेंगे। वहीं कोरोना महामारी के तीसरी लहर को देखते हुए विशेषज्ञ छोटे बच्चों के लिए वैक्सीन विकसित करने में जुटे हुए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को खाली पेट न रखें, बहुत जरूरी हो तभी बच्चों को लेकर घर से बाहर निकलें। बाहरी लोगों से शारीरिक दूरी बनाकर रखें। बच्चों के सामने मास्क लगाकर रहें।
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कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए अलग से जिला अस्पताल में स्थित बर्न यूनिट और ट्रामा सेंटर में कोविड अस्पताल बनाया जा रहा है। यहां पर बच्चों के इलाज की समुचित व्यवस्था होगी। ओबरा तापीय परियोजना जरूरत पडने पर बच्चों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराएगी। जनपदवासियों से अपील है कि बेवजह घरों से बाहर कदापि न निकलें। कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें।
डॉ. अमित पाल शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी, सोनभद्र।