सोनभद्र। बलिया में एटीएस की गिरफ्त में आए भाकपा (माओवादी) के कथित सदस्यों के खुलासे के बाद सोनभद्र पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। नक्सल गतिविधियों के लिए पूर्व में चर्चित रहे इलाके में खूफिया इकाई को सक्रिय कर दिया गया है। ऐसे लोगों पर विशेष निगरानी की जा रही है, जो खुद या उनके परिवार के सदस्य पूर्व में नक्सल गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं।
छत्तीसगढ़, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड की सीमा से सटा जनपद लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों के कारण चर्चा में रहा। कई हार्डकोर नक्सलियों की यहां सक्रियता रही है। अब बलिया में एटीएस के हत्थे चढ़े प्रतिबंधित संगठन के सदस्यों ने पूछताछ में पूर्वांचल के जिन आठ जिलों में फिर से अपना नेटवर्क तैयार करने की जानकारी दी है, उसमें सोनभद्र भी शामिल है। वह लोग युवाओं, छात्राें, महिलाओं, मजदूरों के माध्यम अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे थे। इस इनपुट के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। जिले की इंटेलिजेंस यूनिट को सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस गांवाें के प्रधानों के साथ ही अपने सूत्राें से संदिग्ध क्रिया कलापों की जानकारी भी जुटा रही है।
इन इलाकों में रही है नक्सली सक्रियता
पिछले कुछ वर्षों से पहले ही जिले में कोई नक्सली घटना शामिल नहीं आई है, लेकिन यहां के कई इलाके नक्सल गतिविधियों के लिए विशेष रूप से चर्चित रहे हैं। इसमें राबर्ट्सगंज, रायपुर, मांची, पन्नूगंज, रामपुर बरकोनिया, कोन, विंढमगंज, दुद्धी थाना क्षेत्र प्रमुख है। जिले के 17 थाना क्षेत्रों के 292 गांव नक्सल प्रभावित के रूप में चिह्नित किए थे। पड़ोसी राज्यों से लगते इन थाना क्षेत्रों के घने जंगलों में नक्सलियों का नेटवर्क रहा है। इनपुट के बाद इसे इन क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। मुखबिरों को सक्रिय किया गया है। इस तरह के मामलों में संलिप्त लोगों और उनके मददगारों काे चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जनता से अपील है कि कोई गुमराह कर या फिर प्रलोभन देकर समाज विरोधी गतिविधियों के लिए उकसा रहा है तो पुलिस काे सूचित करें। - टीएन तिवारी, एएसपी, ऑपरेशन।