दुद्धी। तहसील क्षेत्र में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि सर्वे और सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अलाइनमेंट का कार्य पूरा होने के बाद अब प्रभावित भूमि के सत्यापन और मूल्यांकन का काम किया जा रहा है। इसे लेकर तहसील सभागार में एसडीएम अशोक कुमार गुप्ता और तहसीलदार अंजनी गुप्ता ने राजस्व टीम के साथ बैठक की। बैठक में नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपालों को आपसी समन्वय बनाकर निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य भूमि मालिकों और किसानों को नियमानुसार समय पर मुआवजा दिलाना और एक्सप्रेसवे निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के दायरे में तहसील क्षेत्र के 19 राजस्व गांव बताए गए हैं। इन गांवों में राजस्व टीम सर्वे और भूमि सत्यापन कर रही है। संबंधित लेखपालों और राजस्व कर्मियों को जमीन से जुड़े अभिलेखों और मौके की स्थिति का मिलान करते हुए त्रुटिरहित रिपोर्ट जल्द उच्चाधिकारियों को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। तहसीलदार अंजनी गुप्ता ने बताया कि वन भूमि, काश्तकारों की निजी भूमि और ग्रामसभा की भूमि का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है, ताकि मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जा सके। प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के दायरे में बेलहत्थी, खाड़पाथर, रनटोला, गोविंदपुर, किरवानी, कटौंधी, कुसुम्हा, सुपाचुआ, नवाटोला, फाटपखना, देवरी, घघरी, खैराडीह, बभनी, पोखरा, परसाटोला, इकदीरी, बरवैं, किरबिल शामिल हैं। एक्सप्रेसवे के निर्माण से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और स्थानीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है।