पारंपरिक खेती के बजाय अगर बागबानी को बढ़ावा दिया जाए तो किसानों को अच्छा मुनाफा होगा। इसे बढ़ावा देने के लिए उमा राज ट्रस्ट की ओर से सहिजन कला में बागवानी खेती के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। शुक्रवार को कार्यक्रम में नारियल के 40 पौधे लगाए गए।
मुख्य अतिथि बीएचयू के एग्रोनामी विभाग से रिटायर कृषि वैज्ञानिक डॉ. जगदीश सिंह रहे। कार्यक्रम में अतिथियों ने पौधे लगाकर बागवानी खेती को बढ़ावा देने की अपील की। ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. जयनारायण तिवारी ने कहा कि आज किसान पारंपरिक खेती तक सिमटा हुआ है, जिससे उसकी आय नहीं बढ़ पाती। ऐसे में यह जरूरी है कि पारंपरिक खेती से हट कर कुछ अलग किया जाए। बागवानी खेती इस क्षेत्र में एक अच्छा विकल्प है। ट्रस्ट की ओर से साढ़े तीन बीघे में बागवानी लगाई गई है। इसे आठ बीघा करने की योजना है। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक डॉ. जयनारायण द्विवेदी ने किसानों को फसलों में होने वाली बीमारियों के बारे में जागरूक किया। इस मौके पर राजेश द्विवेदी, डॉ. श्रद्धा दुबे, डॉ. पवन दास, उदयनारायण तिवारी, विनोद तिवारी, अवधेश तिवारी, किरन, कुमुद तिवारी, फोर-एस होम्योपैथिक कॉलेज की छात्रा आशा, अन्नु, अंशु, आंचल, सुषमा और सहिजन कला के ग्रामीण मौजूद रहे।