चोपन (सोनभद्र) । डायरिया का प्रकोप जिले में तेजी से फैल रहा है। शाहगंज, घोरावल और नगवां के बाद अब चोपन का पटवध गांव में डायरिया का प्रकोप बढ़ गया है। गांव के कचारी टोला में रविवार की देर रात डायरिया से पीड़ित एक मासूम की मौत हो गई। वहीं गांव के 17 से अधिक मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। पीड़ितों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं।
कचारी टोला में कई दिनों से डायरिया का प्रकोप बना हुआ है। उल्टी-दस्त की शिकायत पर ग्रामीण अपने स्तर से उपचार करा रहे थे। रविवार की रात डायरिया से ग्रसित दीपक (ढाई वर्ष) पुत्र राजेश की मौत हो गई। सूचना पर गांव पहुंची टीम ने एंबुलेंस से चांदनी (10) व लक्ष्मी (5) पुत्री राजेश, फूलवती (30) पत्नी राजकुमार, गीता (28) पत्नी रघुनंदन, प्रतिमा (10) पुत्री रघुनंदन, लीला (30) पत्नी ललित, समरी (60) पत्नी मटुकी, सुनीता (10) पुत्री विजेंद्र, पूनम (2) पुत्री राजकुमार, कल्लू (18) पुत्र सीटहर, किताबी (25)पत्नी राजेश, श्रीपति (65) पत्नी शंकर, राधिका (22) पत्नी राहुल, पूनम (18) पत्नी बवंडर, किरण (13) पुत्री बवंडर, प्रतिमा (4) पुत्री रघुनंदन, सोनी (19) पुत्री शंकर, लक्ष्मी (14) पुत्री रघुनंदन को चोपन सीएचसी में भर्ती कराया। डॉक्टर के मुताबिक सभी मरीजों की हालत स्थिर है।
सीएमओ डाॅ. अश्वनी कुमार ने सीएचसी पहुंचकर डायरिया पीड़ितों का हाल जाना। बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सकों का एक दल दवाओं के साथ गांव में भेज दिया गया है। दवा वितरण के साथ लोगों को डायरिया के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। सीएचसी के चिकित्सक डाॅ. मनोज सिंह ने बताया कि दूषित पानी और मौसम में आए बदलाव के कारण डायरिया के मामले सामने आ रहे हैं। गांव में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।