राबर्ट्सगंज विधान सभा क्षेत्र के गुरमुरा में सोनांचल संघर्ष वाहिनी के कार्यकर्ताओं को संबोधित ?
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सोनभद्र। सोनांचल के आदिवासी और बेरोजगारों की उपेक्षा की जा रही है। आदिवासियों और मूल निवासियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। दर्जन भर कल कारखाने और निजी कंपनियां होने के बाद भी यहां के बेरोजगार दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। उन्हें मजदूर और चपरासी तक की नौकरी नहीं मिल रही है। ये बातें सोनांचल संघर्ष वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोशन लाल ने रविवार को चोपन ब्लाक के गुरमुरा में आयोजित सभा में कहीं।
उन्होंने बेरोजगारों को रोजगार देने और सोनांचल की खनिज संपदा में सोनांचल के विकास के लिए हिस्सेदारी तय करने की मांग की गई। कहा कि निजी कंपनियों में दूसरे प्रान्तों के मजदूरों की भर्ती की जा रही है। नियम कानून का कोई पालन नहीं किया जा रहा है। कहा कि सोनांचल भ्रष्टाचारियों के लिए चारागाह बन गया है। सरकार आदिवासियों को उनके मूल निवास से उजाड़ने पर आमादा है। आदिवासियों और बेरोजगारों के साथ हो रहा अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि सोनांचल की खनिज संपदा पर बाहरी लोगों का कब्जा है। यहां की खनिज संपदा का दोहन हो रहा है, जब तक सोनांचल की खनिज संपदा में सोनांचल के विकास के लिए हिस्सेदारी तय नहीं होगी तब तक चौमुखी विकास संभव नहीं है। जनसभा को राष्ट्रीय प्रवक्ता संदीप जायसवाल, सूर्यजीत सोनी, विजय, अन्नू, बलवंत यादव, अकबर, बालेन्द्र सिंह पटेल, नागेंद्र तिवारी, हीरालाल, कतवारू घसिया ,संजय घसिया, हरिवंश घसिया, बसंत, निर्मल सिंह गोंड, नसीर खान ने संबोधित किया । संचालन संजय निषाद राज ने किया।