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संक्रमित कम ठीक ज्यादा हो रहे मरीज

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सोनभद्र। जिले में कोरोना से संक्रमण की रफ्तार थोड़ी कम होने लगी है। परिणाम स्वरूप जिले में कोरोना संक्रमित एक्टिव मामले भी घट रहे हैं। जितनी संख्या में कोरोना पाजिटिव मरीज मिल रहे हैं, उससे ज्यादा संख्या में पूर्व में संक्रमित मरीज इलाज के बाद स्वस्थ भी हो रहे हैं। जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के ठीक होने की दर 88.88 प्रतिशत बताई जा रही है।
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इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि बीते सोमवार को जिले में जहां कोरोना संक्रमित एक्टिव मामले 254 थे, वहीं सप्ताह भर पहले 13 सितंबर को इनकी संख्या 432 थी। संक्रमण की रफ्तार भी धीरे-धीरे कम हो रही है। बीते सोमवार को जहां जिले में 21 कोरोना पाजिटिव मिले थे जबकि ठीक होने वालों की संख्या 70 रही। सोमवार को एक्टिव केस 254 थे। इसी तरह से 20 सितंबर को 31 संक्रमित मिले, वहीं इलाज के बाद 50 मरीज स्वस्थ घोषित किए गए। एक्टिव मामले 303 थे। इससे पहले 19 सितंबर को 26 कोरोना पाजिटिव मिलने पर एक्टिव मामले 322 हो गए थे। हालांकि इलाज के बाद 83 मरीज स्वस्थ भी घोषित किए गए। इसी तरह से 18 सितंबर को 43 कोरोना संक्रमित मिलने पर एक्टिव मामले 330 हो गए जबकि 83 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ घोषित किए गए थे। इससे पहले 17 सितंबर को 42 संक्रमित मिलने पर एक्टिव मामले 370 हो गए, वहीं इलाज के बाद 41 मरीज स्वस्थ भी हुए। इससे पहले 16 सितंबर को 36 संक्रमित मिलने पर एक्टिव मामले 370 हो गए थे जबकि इलाज के बाद 14 मरीज स्वस्थ हुए थे। इससे पहले 15 सितंबर को 56 संक्रमित मिले जबकि इलाज के बाद स्वस्थ होने वाली संख्या 67 थी। इसी तरह से 14 सितंबर को 8 कोरोना पाजिटिव मरीज मिले जबकि इलाज के बाद 79 मरीज स्वस्थ हुए। इससे पहले 38 कोरोना पाजिटिव मिले थे और स्वस्थ होने वालों की संख्या उस दिन 62 थी। सीएमओ डा.एसके उपाध्याय का कहना है कि संक्रमण की रफ्तार कुछ कम हुई जबकि ठीक होने वालों की संख्या ज्यादा है। जिले में संक्रमित मिले मरीजों के स्वस्थ होने का प्रतिशत 88.88 प्रतिशत है।
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इनसेट
संक्रमण पर नियंत्रण को किए गए कई उपाय
सोनभद्र। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कई उपाय किए गए हैं। कलेक्ट्रेट परिसर में एकीकृत कंट्रोल रूम बनाया है। यहां आठ - आठ घंटे की डाक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। यहां तैनात चिकित्सक मरीज के बारे में जानकारी मिलने पर उसके मोबाइल नंबर पर तत्काल संपर्क करते हैं। इसके अलावा होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में भी चिकित्सक बराबर जानकारी लेते रहते हैं।
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सीएमओ डा.एसके उपाध्याय का कहना है कि संक्रमण पर नियंत्रण के लिए घर-घर सैंपल लेने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। संक्रमित मिले मरीजों के संपर्क में आने वालों के सैंपल लेने के लिए 24 मोबाइल टीमें लगी हुई हैं। सैंपल की जांच के लिए 13 स्टेटिक बूथ बनाए गए हैं। जहां संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वाले पहुंचकर सैंपल की जांच कराते हैं। इसके अलावा 1378 सर्विलांस टीमें भी लगाई गई हैं ताकि घर-घर जांच हो सके।
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