इंदिरा आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण कराने में हीलाहवाली बरतने वाले लाभार्थी और सचिवों के खिलाफ कार्रवाई होना तय है। इसके लिए सूबे के आयुक्त ग्राम विकास कामरान रिजवी ने सीडीओ से वर्ष 1985 से अब तक जिले में बने इंदिरा आवासों की रिपोर्ट तलब की है। सीडीओ के निर्देश पर परियोजना निदेशिका ने इंदिरा आवासों का स्थलीय निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। इससे आवास बनाने के नाम पर सरकारी धन हजम करने वालों में हड़कंप मच गया है।
पीडी ने जिन लोगों का इंदिरा आवास का काम पूरा नहीं हुआ है उन्हें 15 दिनों के भीतर कार्य पूर्ण कराने के लिए कहा है। इस अवधि में आवास कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज होगी।
गौरतलब हो कि प्रत्येक वर्ष केंद्र और प्रदेश सरकार नक्सल प्रभावित सोनभद्र जिले मेें विकास कार्य कराने के लिए अरबों रुपये खर्च कर रही है। इसके बावजूद यहां की समस्याएं दूर नहीं हो रही है। केंद्र सरकार की ओर से संचालित इंदिरा आवास योजना में व्यापक पैमाने पर धांधली बरती गई है। धन निकालने के बाद भी हजारों लाभार्थियों ने अभी तक इंदिरा आवास का काम पूरा नहीं कराया है। इसको गंभीरता से लेते हुए शासन ने 1985 से 2016 तक जिले में बने इंदिरा आवासों के निर्माण की स्थिति के बारे में रिपोर्ट तलब की है।
हालांकि चार मार्च 1989 में सोनभद्र जिला बना। इसके पूर्व यह मिर्जापुर जिले में शामिल था। ऐसे में संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आवास का रिकार्ड एकत्र करने में मुश्किल हो रही है। इस संबंध में परियोजना निदेशक डा. एनएन मिश्रा ने बताया कि 1985 से अब तक बने इंदिरा आवासों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि अगर किसी लाभार्थी को इंदिरा आवास का काम कराने में कोई परेशानी हो रही है तो वह कार्यालय में बने कंट्रोल नंबर 05444222113 पर शिकायत दर्ज करा सकता है।