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इंदिरा आवास को लोहिया आवास दिखा हड़प लिए धन

Tue, 02 Feb 2016 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो (सोनभद्र)
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 जिला प्रशासन की चुप्पी के चलते जिले में इंदिरा आवास और लोहिया आवास के निर्माण के नाम पर खेल हो रहा है। सेक्रेटरी और लाभार्थी की मिलीभगत से सरकारी धन की बंदरबांट हो रही। बीडीओ भी किश्त आवंटन से पहले आवास की जांच तक नहीं करा रहे हैं। सदर ब्लाक के अवईं गांव में सेक्रेटरी ने तो हद कर दी। इंदिरा आवास को ही लोहिया आवास दिखाने की कोशिश की। बावजूद प्रशासन ने सेक्रेटरी और लाभार्थी के खिलाफ कार्रवाई को ठंडे बस्ते  में डाल दिया है।
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जिले में इंदिरा आवास और लोहिया आवास के निर्माण के नाम पर बड़ा खेल हो रहा है।

पहली किश्त आवंटित होने के बाद बगैर किसी जांच के द्वितीय किश्त भी जारी कर सरकारी धन बांटा जा रहा। क्षेत्रों के खंड विकास अधिकारी भी मानीटरिंग के नाम पर महज कोरम पूरा कर रहे हैं। मालूम हो कि जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक डा. एनएन मिश्रा ने राबर्ट्सगंज ब्लॉक के वर्ष 2013-14 के लोहिया गांव का जायजा लिया था। जांच में चंपा पत्नी वंशी को लोहिया आवास आंवटित करने की बात पकड़ में आई थी। 17 मार्च 2015 के पहले उसे आवास निर्माण के लिए दोनों किश्त भी जारी कर दी गई। लेकिन जांच में पता चला कि आवास की नींव तक नहीं पड़ी है। पीडी की मानें तो करीब दस वर्ष पूर्व चंपा देवी की बहू को इंदिरा आवास मिला था।

सेक्रेटरी ने उसी इंदिरा आवास पर सोलर लाइट लगवा दिया और उसे ही लोहिया आवास दिखाने का प्रयास किया। पीडी ने इस मामले में यहां के ग्राम विकास अधिकारी विपिन सिंह को निलंबित करने और लाभार्थी से धनराशि की वसूली और इस मामले में संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए डीडीओ को पत्र लिखा था लेकिन इसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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इसी तरह घोरावल के मूर्तिया ग्राम पंचायत में गड़बड़ी खुलकर सामने आई। यहां निशा पत्नी रामपाल को पहले ही इंदिरा आवास मिला था। बाद में रामपाल के नाम से लोहिया आवास भी आंवटित कर दिया गया। इस मामले में डीएम ने ब्लॉक के सहायक लेखाकार के खिलाफ जांच बैठाई है। आवास निर्माण के नाम पर लाभार्थी से लेकर कर्मचारियों तक की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर गड़बड़ी जारी है। उधर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक डा. एनएन मिश्रा ने कहा है कि इंदिरा आवास और लोहिया आवास के आवंटन में किसी तरह की धनराशि लाभार्थियों से नहीं ली जाती है।
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