सोनभद्र। जिले में रूक-रूक कर हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर धीरेे-धीरे बढने लगा है। इसको लेकर प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले चिन्हित 101 गांवों के लेखपाल समेत अन्य कर्मियों को अलर्ट कर दिया है। राहत कार्य के लिए स्थापित 19 चौकियों पर तैनात कर्मीे भी सर्तक किए गए हैं। फिलहाल बाढ़ की चपेट में कोई गांव नहीं आया है। पीड़ितों के लिए हेल्फलाइन नंबर भी जारी कर दिया गया है। वहीं पूर्व में बाढ़ से प्रभावितों को सहायता के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं मिली है।
जिले में पिछले कुछ दिनों से रूक-रूक कर बारिश हो रही है। मंगलवार को भी आसमान में बादल उमड़-घूमड़ रहे थे और कहीं-कहीं रिमझिम बारिश हुई। बारिश से जिले प्रमुख नदियां बेलन, सोन, कर्मनाशा, कनहर, विजुल, रेणु लउवा आदि का जलस्तर बढना शुरू हो गया है। मूसलाधार बारिश हुई तो नदियों का जलस्तर बढ़ जाएगा। नदियों के ऊफान पर होने से राबट्र्सगंज में 27, घोरावल में 50 और दुद्धी तहसील में 24 गांव प्रभावित होते हैं। बेलन नदी की चपेट में कुसुम्हा, दीवां, धरसड़ा, मरसड़ा, खड़देउर, खरूआंव, मझिगवां चौहान, मुक्खा, मरकरी, हिंदुआरी, बुड़हर, बिच्छी, ममुआ, सोननदी से चोपन, कोटा, कनछ, और बकहर नदी से पेढ़, धुरकरी, नौगढ़वा आदि गांव प्रभावित होते हैं। बंधी प्रखंड की तरफ से तीनों तहसीलों में बाढ़ से राहत कार्य के लिए कुल 19 चौकियां स्थापित कर दी गई हैं। राबट्र्सगंज और घोरावल में छह-छह और दुद्धी तहसील में सात चौकी बनाई गई है। विभाग की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर 0544422048 पर कोई भी व्यक्ति बाढ़ की सूचना दे सकता है।
वहीं कुछ वर्ष पूर्व बाढ़ से प्रभावित लोगों को अभी तक फूटी कौड़ी नहीं मिली है, इसका उन्हें मलाल है। ममुआ गांव निवासी पीड़ित मुन्ना, बिच्छी निवासी जय प्रकाश सिंह, रामबली और राम सुनाचन ने बताया कि 2012 में बेलन नदी में बाढ़ आने के कारण उन लोगों की फसल बर्बाद हो गई थी। मकान के कुछ हिस्से गिर गए थे, लेखपाल ने रिपोर्ट भी लगाया था। लेकिन मदद के नाम पर उन लोगों को एक भी रुपये नहीं मिला। जबकि अधिकारियों ने मुआवजा दिलाने की बात कहीं थी।
अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों पर पैनी नजर रखी जा रही है। लेकिन अभी तक जिले की एक भी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार नहीं है। बावजूद इसके प्रभावित होने वाले गांवों में सर्तकर्ता बरती जा रही है। बाढ़ से निपटने का प्रबंध कर लिया गया है।