सर्दी का सितम सोमवार को भी कहर ढाए रहा। इसके चलते ठंड की चपेट में आकर बीजपुर क्षेत्र के एक मजदूर की मौत हो गई। पूरे दिन सूर्य का दर्शन नहीं हुआ।
बर्फीली हवाओं की चुभन घरों में दुबकने के लिए विवश किए रही। गलन के चलते रजाई में दुबके लोग भी बेहाल रहे। अलाव, अंगीठी, रूम हीटर, ब्लोअर, हीटर आदि के जरिए राहत पाने की कोशिश की जाती रही।
दोपहर में भी कोहरे की स्थिति के चलते सड़क और रेल परिवहन प्रभावित रहा। मौसम विभाग का मानना है कि अभी दो से तीन दिन तक यह स्थिति बनी रह सकती है।
रविवार की शाम से ही बर्फीली हवाओं ने जनपद को आगोश में ले लिया। राबर्ट्सगंज, चोपन, ओबरा, डाला, अनपरा, रेणुकूट, दुद्धी, बीजपुर, शक्तिनगर, घोरावल, शाहगंज, रामगढ़, खलियारी, मधुपुर सभी जगह कड़कती ठंड ने हाड़ कंपा कर रख दिया।
रात आठ बजते-बजते सड़कों के साथ ही बाजार सूने हो गए। जरूरी कामकाज वाले भी आपात स्थिति में ही घरों से बाहर निकले। सबसे ज्यादा फजीहत यात्रियों की हुई।
बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर ठंड की मार बेहाल किए रही। हालांकि राबर्ट्सगंज, अनपरा सहित कई जगहों पर जगह-जगह अलाव जलाए जाने से लोगों ने थोड़ी राहत भी महसूस की।
उधर मौसम विभाग के प्रेक्षक राजन सिंह ने सोमवार को चुर्क में न्यूनतम तापमान 5.08 डिग्री सेल्सियस होने की पुष्टि की। उनके मुताबिक अभी दो-तीन दिनों तक मौसम की यहीं स्थिति रह सकती है।
बीजपुर संवाददाता के अनुसार पुनर्वास प्रथम निवास रामप्रताप गुप्ता (55) जो परियोजना से जुड़े एक संविदा कंपनी में मजदूरी का काम करता है, रविवार की शाम सात बजे बाजार से सब्जी लेकर घर पहुंचा।
कुछ देर बाद ही कंपकंपी के साथ सीने में तेज दर्द शुरू हो गया। तब तक उसे उपचार के लिए ले जाया जाता, लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। परिवार वालों के मुताबिक रामप्रताप को ठंड लग गई थी।
करमा संवाददाता के अनुसार,। बाजार में अलाव का प्रबंधन न होने से दुकानदारों ने नाराजगी जताई है। बाजार के मनोज कुमार, सत्यम, विनोद कुमार का कहना है कि तीन ग्राम पंचायतों करमा, शिरविट और टिकुरिया से मिलकर करमा बाजार बना है।
ठंड से निजात के लिए अलाव का प्रबंध किया जाता है, लेकिन इस बार प्रशासन ने कही भी अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की।
राधेश्याम और सत्यप्रकाश ने कहा कि अगर जल्द से जल्द अलाव नहीं जला तो वह लोग इस मामले की शिकायत डीएम से करेंगे।
वहीं सिरविट ग्राम पंचायत के प्रधानपति द्वारिका प्रसाद का कहना हैं कि वह कई बार क्षेत्रीय लेखपाल से अलाव जलवाने को कह चुके हैं। अब वह खुद पहल करके अलाव जलवाएंगे।