सोनभद्र। वाराणसी जिले के एक युवक के दूसरे के अंकपत्र पर पुलिस भर्ती में शामिल होने का मामला पकड़ में आया है। 48वीं आईआर वाहिनी के गुल्मनायक ए दल आशुतोष कुमार के पत्र का संज्ञान में लेते हुए कमांडेंट 48वीं आईआर वाहिनी ने एसपी को केस दर्ज करने के लिए कहा। एसपी किरीट राठोड ने राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस को केस दर्ज कर सच्चाई का पता लगाने का निर्देश दिया।
गुल्मनायक ए दल के पत्र के मुताबिक खुद को ग्राम खेवली, थाना जंसा, जिला वाराणसी का अमित कुमार सिंह बताते हुए एक व्यक्ति पुलिस भर्ती में शामिल हुआ था। उसका चयन भी हो गया। जब काशी कृषक इंटर कालेज हरहुआ से चरित्र प्रमाण पत्र और अंकपत्र का सत्यापन कराया गया तो प्रधानाचार्य ने बताया कि जिस अमित कुमार सिंह के नाम से चरित्र प्रमाणपत्र और अंकपत्र जारी हुआ है, वह खेवली नहीं, बल्कि लहिया भतसार निवासी अमित कुमार है।
लहिया भतसार निवासी अमित ने भी पत्र देकर बताया कि उसके हाईस्कूल और इंटर के अंकपत्र का किसी दूसरे व्यक्ति ने पुलिस भर्ती में उपयोग किया है। आवेदन में दिए गए दो मोबाइल फोन नंबर की तस्दीक कराई गई तो वे चौबेपुर थाना क्षेत्र के हरिहरपुर निवासी दो युवकों के निकले। चौबेपुर पुलिस से इसकी तस्दीक कराने के बाद एफआईआर के लिए पत्र भेजा गया।
पुलिस भर्ती 2015 में पीएसी में आरक्षी के पद पर चयनित तथाकथित अमित कुमार सिंह को 14 जून 2018 को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए पीएपी मुख्यालय सोनभद्र बुलाया गया था। इसके बाद अभ्यर्थी के मार्कशीट का सत्यापन कराया गया तो पता चला कि वाराणसी जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले धीरज सिंह ने अमित के मार्कशीट पर खुद की फोटो चस्पा कर भर्ती में शामिल हुआ था। उसके खिलाफ केस दर्ज करने के लिए एसपी को पत्र भेजा गया है। - रमेश, कमांडेंट 48वीं आईआर वाहिनी, सोनभद्र।