सावन के तीसरे सोमवार को गुप्तकाशी में उमा-माहेश्वर पर जलाभिषेक के लिए कांवरियों की उमडने वाली भीड़ के मद्देनजर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। एसपी शिव शंकर यादव के निर्देश पर मंदिर के आसपास चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात कर दी गई है। विजयगढ़ दुर्ग और मिर्जापुर बार्डर से शिवद्वार तक कांवरियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने बड़े वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
सावन के तीसरे सोमवार को सुप्रसिद्ध शिवद्वार, बरैला शिव मंदिर, गौरीशंकर मंदिर, पंचमुखी मंदिरों में जलाभिषेक के लिए कांवरियों और श्रद्धालुओं की उमड़ने वाली भीड़ को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। शिवद्वार में डीएम संजय कुमार और एसपी शिवशंकर यादव की निगरानी में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पूरे व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।
शिवद्वार में सुरक्षा के मद्देनजर सीसी कैमरा लगाए गए हैं, ताकि पूजन-अर्चन में व्यवधान उत्पन्न करने वालों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकेे। मंदिर के आसपास सादे पोशाक और कांवरियों के वेश में महिला और पुरुष फोर्स की भी तैनाती की गई है।
शनिवार की दोपहर बाद शिवद्वार में कई थानों की फोर्स और पीएसी के साथ घोरावल घोरावल एसडीएम कैलाश सिंह, एएसपी मुख्यालय शंभूशरण यादव, एएसपी नक्सल रामयज्ञ यादव, सीओ सच्चिदानंद और घोरावल कोतवाल रमाकांत पांडेय डेरा डाल दिया।
सांय चार बजे से मिर्जापुर और चुनार स्थित गंगा नदी और विजयगढ़ दुर्ग स्थित रामसरोवर से जल लेेकर कांवरिया शिवद्वार पहुंचने लगे थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने मंदिर और आसपास रोशनी की मुकव्वल व्यवस्था कराई है, ताकि मंदिर का कपाट खुलने के बाद कांवरियों को मुश्किलों का सामना करना न पड़े।