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अवैध अस्पतालों पर कसा शिकंजा, चार फिर सील, संचालक और कर्मचारी फरार

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घोरावल में निजी अस्पतालों में छापेमारी कर जांच करते एसडीएम व स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद - फोटो : SONBHADRA
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मनमाने ढंग से संचालित निजी अस्पतालों पर प्रशासन की निगाहें टेढ़ी हुई हैं। डीएम के निर्देश पर अभियान चलाकर निजी अस्पतालों की जांच की जा रही है। मानकों की अनदेखी पर कार्रवाई का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। घोरावल में एसडीएम ने चार अस्पताल सील किए तो दुद्धी में कार्रवाई से पहले ही शटर गिराकर कर्मचारी फरार हो गए। निगरानी के लिए एसडीएम ने एक गार्ड को तैनात कर दिया है।
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घोरावल एसडीएम श्याम प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ने घोरावल नगर में दस निजी नर्सिंग होमों व अस्पतालों की जांच की। टीम सबसे पहले ऊर्जांचल हॉस्पिटल और शिव महिमा हॉस्पिटल का निरीक्षण करने पहुंची। वहां कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर मौजूद नहीं था। ऑपरेशन थिएटर में मानक के अनुरूप कोई चिकित्सक नहीं मिला। दोनों नर्सिंग होम को सील कर दिया गया।
उन्नति मेडिसिटी हॉस्पिटल और कृति हास्पिटल में मौके पर कोई डॉक्टर नहीं मिला। टीम के पहुंचते ही वहां कार्यरत स्टाफ अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। इस पर एसडीएम ने दोनों अस्पतालों को सील करवा दिया। इन अस्पतालों में उपचार करा रहे मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घोरावल सीएचसी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। सभी अस्पतालों के संचालकों को नोटिस जारी कर आवश्यक कागजात के साथ तलब किया है।
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एसडीएम श्याम प्रताप सिंह ने बताया कि घोरावल नगर में 10 निजी अस्पतालों की जांच की गई। इनमें से चार अस्पतालों को सील कर दिया गया। उधर, दुद्धी में एसडीएम शैलेंद्र मिश्र के नेतृत्व में टीम ने दो अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। अमवार रोड स्थित शिवा हॉस्पिटल के संचालक ने अपने समस्त कागजात दिखाए। विंढमगंज मार्ग पर एसबीआई बैंक के समीप एक हॉस्पिटल के संचालक नदारद रहे। हॉस्पिटल बंद कर फरार संचालक की पड़ताल की गई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. शाह आलम ने बताया कि बिना पंजीकरण संचालित मिले हॉस्पिटल को बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं। संचालित मिलने पर उनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
कार्रवाई के बाद फिर खुल जाते हैं अस्पताल
घोरावल नगर और ग्रामीण इलाकों में दर्जनों निजी नर्सिंग होम धड़ल्ले से चल रहे हैं। इन अस्पतालों में मानक के अनुरूप न तो डॉक्टर होते हैं और न ही अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ। इन अस्पतालों में इलाज के साथ ही असुरक्षित परिस्थितियों में विभिन्न गंभीर रोगों की सर्जरी भी की जाती। इनका नेटवर्क फैला हुआ है और इनके दलाल हर जगह मौजूद हैं। इन अस्पतालों के संचालकों से दलाल कमीशन लेकर मरीजों को अच्छे उपचार, अच्छे डॉक्टर का प्रलोभन देकर अस्पताल में पहुंचाते हैं। कई अस्पतालों में अप्रशिक्षित स्टाफ द्वारा उपचार व सर्जरी की जाती है।
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