कलेक्ट्रेट में डीएम चंद्र विजय सिंह ने जिला पोषण समिति, निगरानी समिति एवं पोषण कंवर्जेंस की बैठक ली। कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को पोषण मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बेहतर प्रयास न किए जाने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी और एसीएमओ को कड़ी हिदायत दी।
डीएम ने अभियान चलाकर 15 दिन के अंदर कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों का चिह्नांकन कर उन्हें एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए। कहा कि इस कार्य के अनुपालन में शिथिलता बरतने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जायेगी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों के राशन कार्ड बनाने की प्रगति सदर, नगवां, चोपन और दुद्धी ब्लाक में काफी धीमी रही। संबंधित सीडीपीओ को नोटिस देकर स्पष्टीकरण तलब करने को कहा। उन्होंने कहा कि 15 दिन के अंदर सभी कुपोषित/अति कुपोषित बच्चों के राशन कार्ड अनिवार्य रूप से बन जाएं। ऐसा न होने पर संबंधित सीडीपीओ के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों के घर के पास ड्रैगन फ्रूट का पौधा लगवाने के लिए प्रेरित करें। ड्रैगन फ्रूट का फल स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है। उन्होंने यह भी कहा कि इसका पौधा अधिक संख्या में लगाने से लोग अपने आय का माध्यम भी बना सकते हैं। बैठक में डीडीओ शेषनाथ चौहान, डीपीओ राजीव सिंह, डीसी एनआरएलएम एके जौहरी, डीएसओ गौरी शंकर शुक्ला, बीएसए हरिवंश कुमार आदि मौजूद रहे।