राबर्ट्सगंज नगरवासियों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए करीब 69 करोड़ की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित होगा। इसके लिए शासन ने 24 करोड़ रुपये जारी भी कर दिया है।
राबर्ट्सगंज के हाइडिल के समीप वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए चहरदीवारी बनाई जा रही है। लेकिन निर्माण में मानकों की अनदेखी कर मैटेरियल का प्रयोग किया जा रहा। हालांकि मामला संज्ञान में आने पर जल निगम के सहायक अधिशासी अभियंता रामचंद्र चौहान ने मैटेरियल की जांच करने के बाद ठेकेदार का भुगतान करने की बात कहीं है।
बता दें कि वर्ष 2012 में राबर्ट्सगंज मुख्यालय स्थित बढ़ौली चौक पर विधान सभा चुनाव के दौरान चुनानी सभा को संबोधित करते हुए सपा प्रदेश अध्यक्ष व वर्तमान में सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पार्टी की सरकार बनने पर राबट्र्सगंज के रहवासियों को पेयजल संकट से मुक्ति दिलाने का वादा किया था।
वर्ष 2015 में सदर विधायक/सपा जिलाध्यक्ष अविनाश कुशवाहा की मांग पर मुख्यमंत्री ने ाबट्र्सगंज में वाटर ट्रिटमेंट प्लांट लगाने की मंजूरी दी। इसके लिए शासन ने करीब 69 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत करते हुए पहली किश्त 22 करोड़ रुपये जल निगम को जारी भी कर दिया है। राबट्र्सगंज के हाइडिल मैदान के पास वाटर ट्रिटमेंट प्लांट की स्थापना के लिए चहारदीवारी का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
लेकिन निर्माण मानक के अनुसार नहीं हो रहा है। राबर्ट्सगंज नगर निवासी अशोक तिवारी और संजय सिंह का कहना है कि स्टीमेट के अनुसार ईट का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। अनिल कुमार और अरूण चौबे ने कहा कि निर्माण कार्य में धांधली की जा रही है। इसकी जांच कर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
जल निगम के सहायक अधिशासी अभियंता रामचंद्र चौहान का कहना है कि मानक के अनुसार कार्य न होने पर ठेकेदार का भुगतान नहीं किया जाएगा। नियमानुसार वाटर ट्रिटमेंट का कार्य होगा।