सोनभद्र। सोनांचल के विभिन्न मार्गों पर संचालित रोडवेज बसों में सफर करने जा रहे हैं तो स्वेटर, टोपी, कंबल भी अपने साथ रखें। सर्दी में इन बसों का सफर मुश्किल बढ़ा सकता है। डिपो की कई बसों में खिड़कियों के शीशे टूटे हैं तो कइयों के जाम पड़े हैं। पूरी तरह बंद न होने से खिड़कियों के रास्ते ठंडी हवा का झाेंका यात्रियों को ठिठुरने के लिए विवश कर रहा है। बसों में अभी फॉग लाइट लगाने का काम भी शुरू नहीं हुआ है। हालांकि विभाग जल्द ही मरम्मत कार्य पूरा करने का दावा कर रहा है।
सोनांचल में सोनभद्र डिपो की 56 रोडवेज बसों का विभिन्न मार्गों पर संचालन हो रहा है। इसके साथ ही विंध्यनगर डिपो की 46, काशी डिपो की 10, मिर्जापुर डिपो की 10, जीरो रोड की 10, चारबाग डिपो की 7, चंदौली डिपो की 6, कैंट डिपो की 4 और ग्रामीण क्षेत्र की 6 बसें संचालित हो रही हैं। जिले के सबसे व्यस्त रूट वाराणसी-शक्तिनगर के साथ ही विभिन्न रूटों पर परिवहन निगम की इन बसों का संचालन हो रहा है। इसमें अधिकांश बसों के शीशे या तो क्षतिग्रस्त हो गए हैं, या फिर मरम्मत नहीं होने से जाम हो गए हैं। जाम होने की स्थिति में शीशा बंद करना मुश्किल हो रहा है।
बुधवार को दोपहर राबर्ट्सगंज रोडवेज बस स्टेशन से गुजरने वाली कैंट एवं काशी डिपो की चार बसों में यह समस्या देखने को मिली। सोनभद्र डिपो की तीन रोडवेज बसों में शीशे टूटे और जाम मिले। ऐसी बसों में रात में सफर करने वाले यात्रियों को काफी दिक्कत हो रही है। ठिठुरती हालत में यात्री सफर करने को विवश हैं। इस संबंध में राबर्ट्सगंज रोडवेज बस स्टेशन के कर्मचारी दिनेश पांडेय का कहना है कि सोनभद्र डिपो की जिन बसों का शीश जाम होने और क्षतिग्रस्त होने की शिकायत मिल रही है, उसका तत्काल मरम्मत कराया जा रहा है। जल्द ही सभी रोडवेज बसों के शीशों के मरम्मत करा दी जाएगी।
चालक के अभाव में खड़ी हैं कई बसें
सोनभद्र डिपो में चालकों की कमी है। चालक के अभाव में सोनभद्र डिपो की करीब एक माह से पांच बसें खड़ी हैं। चालक होने से त्योहारी सीजन में भी बसों का संचालन नहीं होने से डिपो को आर्थिक क्षति हो रही है। हालांकि डिपो प्रशासन की तरफ से चालकों की कमी दूर करने में जुटा है। छह चालकों को कानपुर दो दिवसीय प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।
सोनभद्र डिपो में अधिकांश बसें पुरानी हैं। कुछ बसों में शीशे से संबंधित शिकायत है, जिसकी मरम्मत की जा रही है। अन्य डिपो की बसों की देख रेख की व्यवस्था संबंधित डिपो प्रबंधन करता है। - विश्राम कुमार, एआरएम-सोनभद्र डिपो।