सोनभद्र। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम में श्रमिकों का दूसरे जगह पलायन करना बड़ी बाधा बनी हुई है। धान की कटाई या अन्य कार्यों के लिए बाहर गए श्रमिकों से संपर्क न होने से उनके गणना प्रपत्र अब तक नहीं भरे जा सके हैं। ऐसे में अब उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी गणना प्रपत्र भरने के लिए कहा गया है। पता बदलने पर भी मतदाताओं को अपने बीएलओ को ढूंढकर अपना गणना प्रपत्र भरकर जमा करना होगा।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम में कई इलाकाें की प्रगति काफी धीमी है। बीएलओ की दलील है कि वह गणना प्रपत्र लेकर मतदाताओं के घर पहुंच रहे हैं तो वहां कोई उपलब्ध नहीं मिल रहा। बहुत से मतदाता धान की कटाई के लिए अन्यत्र गए हैं और अभी भी कई दिन बाद आएंगे। इस समस्या के मद्देनजर जिला प्रशासन ने निवास स्थान से बाहर गए मतदाताओं के लिए उनके परिवार के अन्य सदस्यों के माध्यम से प्रपत्र भरवाने को कहा है, ताकि समय से प्रक्रिया पूरी की जा सके। वहीं जिन मतदाताओं ने अपना पता बदल दिया है, उन्हें बीएलओ से संपर्क कर गणना प्रपत्र भरने और उसे वापस कराने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम बद्रीनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि जिनके भी गणना प्रपत्र नहीं भरे जाएंगे, उनके नाम नौ दिसंबर को प्रकाशित होने वाले आलेख्य सूची में नहीं शामिल होंगे। गणना प्रपत्र के साथ मतदाताओं को किसी प्रकार का दस्तावेज भी संलग्न नहीं करना है। अगर कोई व्यक्ति दूसरे जनपद से 2003 का रिकाॅर्ड उपलब्ध नहीं करा पा रहा है, तो भी वह गणना प्रपत्र जमा कर सकता है। बाद में उसे एक माह के भीतर रिकॉर्ड प्रस्तुत करना होगा। जिले की विभिन्न परियोजनाओं और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों की कॉलोनियों में गणना प्रपत्रों के संग्रह की जिम्मेदारी औद्योगिक इकाइयों के महाप्रबंधकों को दी गई है। डीएम ने बताया कि 4 दिसंबर तक बीएलओ गणना प्रपत्र वितरित करेंगे। इसके बाद प्रपत्रों का संग्रह और डिजिटाइजेशन किया जाएगा। नौ दिसंबर को मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन होगा तथा दावे-आपत्तियां 8 जनवरी तक ली जाएंगी।
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आज अवकाश में भी खुले रहेंगे सभी दफ़्तर
एसआईआर कार्य को समय पर पूरा कराने के लिए 30 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद जिले के सभी सरकारी कार्यालय, विद्यालयों/कॉलेजों के कार्यालय सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे। इस दौरान पुनरीक्षण कार्य निर्बाध रूप से जारी रहेगा। इस दिन सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशकों को भी विद्यालय पर उपस्थित होकर विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण पूर्ण सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्ष 2025 की सूची में जिनके नाम, उन्हें ही मिलेगा गणना प्रपत्र
- इपिक कार्ड होने के बाद भी जरूरी नहीं कि मिले प्रपत्र, नई सूची में नाम जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
सोनभद्र। अगर आपके पास पहले का मतदाता पहचान पत्र है तो जरूरी नहीं कि गणना प्रपत्र आपको मिलेगा। दरअसल, गणना प्रपत्र सिर्फ उन्हीं मतदाताओं को दिया जाना है, जिनके नाम वर्ष 2025 की मतदाता सूची में होंगे। पूर्व में चले विभिन्न पुनरीक्षण कार्यक्रमों के दौरान मतदाताओं के नाम सूची से विलोपित या संशोधित किए गए हैं। ऐसे में गणना प्रपत्र पाने और भरने से पहले नई सूची में नाम ढूंढना जरूरी है।
अनपरा क्षेत्र के बूथ पर शुक्रवार को कई मतदाता ऐसे पहुंचे थे, जिनके पास मतदाता पहचान पत्र था, लेकिन उन्हें बीएलओ ने गणना प्रपत्र नहीं दिया था। वह कई बूथों पर भटक चुके थे। बाद में सी वोटर एप से जांच की गई तो किसी का ब्योरा नहीं था तो किसी के इपिक आईडी पर दूसरा नाम प्रदर्शित हो रहा था। शनिवार को प्रशासन ने इसकी जांच कराई तो पता चला कि दोनों मतदाताओं के पहचान पत्र वर्ष 2007 में बने थे। उनके नाम वर्ष 2025 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। हालांकि सूची से उनके नाम कैसे और किन परिस्थितियों में कटे, इस बारे में अफसर कुछ भी स्पष्ट नहीं कर सके। डीएम ने बताया कि वर्ष 2025 की मतदाता सूची में जिन मतदाताओं का नाम दर्ज होगा उन्हें ही गणना प्रत्रक बीएलओ की ओर से घर-घर जाकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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एआर ने नगवां में बूथों का किया निरीक्षण
सोनभद्र/सलखन। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक देवेंद्र कुमार सिंह ने शनिवार को नगवां ब्लॉक में एसआईआर का निरीक्षण किया। बूथ नंबर 232 के बीएलओ राजेश कुमार के 72 फार्म फीडिंग के लिए अवशेष पाए गए। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय कुरवल की बीएलओ पार्वती देवी के सिर्फ 56 फार्म अवशेष मिले। प्राथमिक विद्यालय सरईगढ़ में तीनों बीएलओ की प्रगति अत्यंत खराब रही। क्षेत्रीय पर्यवेक्षक लेखपाल प्रवीण कुमार का बीएलओ के साथ कोई तालमेल नहीं दिखा। उन्होंने लेखपाल को बीएलओ से सामंजस्य स्थापित करके रविवार तक हर हाल में शत प्रतिशत फार्म फीडिंग कराने के लिए कहा। निरीक्षण के दौरान एडीसीओ सदर अवधेश सिंह, एडीओ सहकारिता नगवां श्रीचंद, एडीओ पंचायत कौशलेंद्र, विक्रम सिंह, प्रधानाध्यापक आमडीह अनिल कुमार देव, प्रधान अध्यापक सरईगढ़ रामजतन सिंह, रामसुधाकर चौबै आदि रहे।