म्योरपुर। आईसीएमआर के सात सदस्यों की टीम शनिवार को तीसरे दिन भी अपने अध्ययन में लगी रही। इस दौरान उन्होंने म्योरपुर ब्लॉक के पाटी ग्राम पंचायत में लोगों का सैंपल लिया और विभिन्न तरह की जांच की।
टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. गौरव राज द्विवेदी ने बताया कि उनका अध्ययन मलेरिया से जुड़े दो बड़े प्रोजेक्ट पर है। पहले प्रोजेक्ट में मलेरिया के ऐसे मरीज, जिसमें कोई लक्षण न हो। इस श्रेणी में म्योरपुर के तीन ग्राम पंचायत का चयन किया गया है। इनमें पाटी, बेलहत्थी और मकरा गांव शामिल है। यहां मानसून के पहले अध्ययन किया गया है। अगर इनमें मलेरिया के परजीवी होंगे तो उसका पता लगाकर उपचार की व्यवस्था होगी। टीम में डॉ. द्विवेदी के लिए डॉ.नलिनी मिश्रा, डॉ. बृजरंजन मिश्र, डॉ.आयुष मिश्रा, रविशंकर सिंह, तकनीशियन शशिकांत तिवारी, कीट संग्राहक सूर्य प्रताप शामिल हैं। पूरी टीम आईसीएमआर गोरखपुर से आई हुई है। उन्होंने बताया दूसरा प्रोजेक्ट उपयुक्त कीटनाशक से जुड़ा है। डीडीटी पर प्रतिबंध के बाद इस दिशा में काम किया जा रहा है। मानसून सीजन में फिर आकर अध्ययन किया जाएगा। कहा कि गोरखपुर और सोनभद्र की स्थिति में क्या अंतर है इसका भी अध्ययन चल रहा है। टीम के निरीक्षण के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी धर्मेंद्र नारायण श्रीवास्तव, चिकित्साधिकारी राजन सिंह व मलेरिया निरीक्षक अभिषेक पांडेय, आशा कार्यकत्री, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि मौजूद रहे।