म्योरपुर के बेलहत्थी में प्राथमिक विद्यालय पर बच्चों के खून का सैंपल लेती आईसीएमआर की टीम
म्योरपुर। स्थानीय विकास खंड के बेलहत्थी ग्राम पंचायत में मलेरिया के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के साथ अब भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की टीम भी सक्रिय हो गई है। गांव में लगातार मलेरिया के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मच्छर जनित रोग पर नियंत्रण और इसके कारणों का पता लगाने के उद्देश्य से आईसीएमआर की टीम ने बुधवार को बेलहत्थी स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिविर लगाकर बच्चों और ग्रामीणों के खून के नमूने लिए। शिविर के दौरान बड़ी संख्या में विद्यालय के बच्चे और ग्रामीण जांच कराने के लिए पहुंचे। स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों के रक्त के नमूने लेने के साथ ही मलेरिया से बचाव को लेकर आवश्यक जानकारी भी दी। टीम द्वारा क्षेत्र में मलेरिया संक्रमण की स्थिति और इसके फैलाव के कारणों को समझने का प्रयास किया जा रहा है। आईसीएमआर की टीम में पब्लिक हेल्थ इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ सूरज कुमार मौर्य, लैब टेक्नीशियन बृजेश्वर और प्रिंस यादव शामिल रहे। टीम ने ग्रामीण क्षेत्र में मच्छरों की स्थिति और मलेरिया संक्रमण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई। सूत्रों के मुताबिक आईसीएमआर की टीम क्षेत्र में पाई जाने वाली मच्छरों की प्रजातियों पर भी शोध कर रही है। टीम का उद्देश्य मच्छरों की प्रजाति, उनके संक्रमण फैलाने की क्षमता और मच्छर जनित रोगों से जुड़े कारणों का अध्ययन करना है। इसके आधार पर भविष्य में बीमारी की रोकथाम और उपचार से संबंधित शोध को आगे बढ़ाया जा सकता है। बेलहत्थी में मलेरिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। संदिग्ध मरीजों की जांच कराने के साथ ही लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए आसपास साफ-सफाई रखने, पानी जमा नहीं होने देने और मच्छरदानी का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है। शिविर के दौरान म्योरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. शिशिर श्रीवास्तव, मलेरिया निरीक्षक अभिषेक पांडे, अमित कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।