जोरदार प्रहार से तारामती के चीखने पर दूसरे कमरे में सोई भाभी अनारकली दौड़कर वहां पहुंची तो उन्होंने विश्वनाथ को लाठी फेंककर भागते देखा। आनन-फानन घायल तारामती को म्योरपुर सीएचसी ले जाया गया, जहांं हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान तारामती की मौत हो गई। ग्राम प्रधान सुरेंद्र चंद्रवंशी की सूचना पर पहुंचे एसआई कवींद्र यादव ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।