फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: दहेज हत्या में पति, सास-ससुर को 10-10 साल की सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। दहेज हत्या के करीब नौ साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश संदीप गुप्ता-द्वितीय ने पति और सास-ससुर को दोषी करार दिया है। शनिवार को मामले की सुनवाई करते हुए तीनों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक पर 45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर जेल में अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अभियोजन के मुताबिक बभनी थाना क्षेत्र के संवरा निवासी संत कुमार दुबे ने 14 फरवरी 2017 को दुद्धी कोतवाली में तहरीर दी थी। बताया था कि उसने बेटी अर्चना की शादी 13 मई 2011 को दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के मनबसा गांव निवासी मनोज पाठक से की थी। शादी में क्षमतानुसार सामान भी भेंट किया। बावजूद पति मनोज, ससुर जगधारी पाठक, सास विमला देवी बेटी को प्रताड़ित कर रहे थे। वह दहेज में बाइक और एक लाख रुपये नकद की मांग करते थे। असमर्थता जताने पर उसका उत्पीड़न किया जाता था। बेटी ने कई बार इसकी जानकारी दी थी। दो बेटियां पैदा होने के बाद भी उनके स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आया। 11 फरवरी 2017 को उन्हें फोन पर सूचना मिली कि विषाक्त पदार्थ के सेवन से अर्चना की तबीयत बिगड़ गई। उसे दुद्धी और बीएचयू ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। आरोप लगाया था कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालवालों ने ही बेटी को जहर देकर मार दिया। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और चार्जशीट दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने, गवाहों के बयान और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए पति मनोज पाठक, ससुर जगधारी पाठक और सास विमला देवी को दहेज उत्पीड़न का हत्या का दोषी करार दिया। तीनों को 10-10 साल की कैद और 45 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें