सड़क हादसों को रोकने के लिए यातायात माह तो शुरू हो गया, लेकिन हादसों का कारण बनने वाले अवैध कट से जिम्मेदार बेखबर बने हुए हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में जगह-जगह मनमाने ढंग से बने कट से वाहन सवार आ-जा रहे हैं।
पूर्व में इससे कई हादसे भी हुए हैं। बावजूद इन्हें बंद नहीं किया जा सका है। सिर्फ मधुपुर के आसपास ही चार किमी में चार अवैध कट हैं। जिन स्थानों पर वैध कट बने भी हैं तो वहां भी सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया है।
जिले में सबसे ज्यादा हादसे वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर होते हैं। इस मार्ग पर चिह्नित 10 से अधिक ब्लैक स्पाॅट में सुकृत और मधुपुर बाजार भी है। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में उपसा की ओर से दो स्थानों पर कट दिए गए हैं।
इसके अलावा कई जगह लोगों ने खुद से कट बना लिए हैं। अपनी सुविधानुसार पैदल, बाइक और साइकिल सवार इन कट से बेखौफ होकर आते-जाते हैं। अवैध कट से बेखबर वाहन चालक अपनी पूरी गति से आगे बढ़ते रहते हैं।
इस बीच अचानक किसी के सामने आने पर अनियंत्रित होकर दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। मधुपुर बाजार, सब्जी मंडी, कम्हरिया के पास निर्मित अवैध कट पर अक्सर हादसे होते हैं। इसके अलावा बाजार में बनाए गए वैध कट पर भी सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया है।
सड़क के बीच में डिवाइडर पार करने के लिए जगह तो दिया गया है, लेकिन ऐसी जगह नहीं छोड़ी गई है, जिससे कट से घुसने से पहले वाहन चालक थोड़ा रुककर आगे-पीछे देख सके।
हाइवे पर पेट्रोलिंग इंचार्ज सदानंद यादव ने बताया कि पूर्व में निरीक्षण कर सभी अवैध कट को बंद कराया गया था। बाद में लोगों ने फिर से कट बना लिए। जल्द ही इसे भी बंद कराया जाएगा। नियमानुसार जहां भी कट दिया गया है, जहां स्पीड ब्रेकर, संकेतक लगे हुए हैं।