सोनभद्र। घोरावल में हाउसिंग डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत बन रहे 512 आवासों का निर्माण कार्य आठ वर्ष बाद भी पूर्ण नहीं हो सका है। आवासों में अभी तक बिजली, पानी समेत अन्य इंतजाम नहीं किया गया है। मामला संज्ञान में आने पर डीएम अमित कुमार सिंह ने डूडा के पीओ को संबंधित ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार नगरीय विकास अभिकरण द्वारा ठेकेदार के माध्यम से घोरावल में वर्ष 2010-11 में हाउसिंग डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत लगभग 512 आवास का निर्माण कार्य शुरु हुआ। इनमें से करीब 300 आवासों का भवन बनकर तैयार हो चुका है, जबकि करीब सवा दो सौ आवासों का काम अभी चल रहा है। इनमें से 66 आवासों के लाभार्थियों का प्रमाण पत्र बनकर तैयार है, लेकिन अभी तक वितरित नही किया जा सका है। क्योंकि जो आवास बनकर तैयार हैं, उनमें बिजली, पेयजल आपूर्ति, खिड़की दरवाजे, फर्नीचर इत्यादि सुविधाओं का अभाव है। वहीं आवास के लिए लाभार्थी आवेदन पत्र भर कर नपा दफ्तर और ठेेकेदार के यहां चक्कर लगा रहे है। वहीं नगर पंचायत कार्यालय पर नवंबर 2018 में घोरावल विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्या, एसडीएम मनिकण्डन ए 80 लाभार्थियों को आवास का प्रमाण पत्र देने के लिए पहुंचे थे। विधायक को लाभार्थियों द्वारा अवगत कराया गया कि आवासों में अभी तक समुचित सुविधाएं नहीं है। फिर आवासों का आवांटन किया जा रहा है। अधूरे आवासों को वितरित कर पीठ थपथपाने का काम किया जा रहा है। विधायक ने लाभार्थियों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रमाण पत्र बांटने से इनकार करते हुए कार्यक्रम को रद्द कर दिया था। डूडा के पीओ वीके निगम ने कहा कि निर्धारित समयसीमा बीतने के बाद भी आवासों का कार्य पूर्ण न कराने वाले ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्यवाही की जा रही है।