वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग का चौड़ा करा रही कंपनी ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मंगलवार को बढ़ौली चौराहे पर स्थित एक व्यक्ति के मकान का बारजा तोड़ दिया।
इस मकान को ढहाए जाने को लेकर वार्ता चल रही थी लेकिन लोगों के विरोध के चलते महज बारजा तोड़ने पर ही सहमति बनी। राबर्ट्सगंज के बढ़ौली चौराहे पर गंगाधर शुक्ल का मकान है।
वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग का चौड़ीकरण करा रही कंपनी ने ओवरब्रिज बनवाने के लिए इस मकान को कई बार तोड़वाने का प्रयास किया लेकिन लोगों के विरोध के चलते उसे नहीं तोड़ा जा सका।
मंगलवार को एक बार फिर उसे तोड़ने के लिए कंपनी के कर्मचारियों के साथ ही एसडीएम राजेंद्र तिवारी, तहसीलदार योगेंद्र सिंह, सीओ सच्चिदानंद पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे।
जैसे ही मकान तोड़ने के लिए जेसीबी मशीन को आगे बढ़ाया गया, मकान के मालिक समेत अन्य सदस्य और नगर के तमाम लोग जेसीबी के सामने आकर खड़े हो गए और विरोध जताने लगे।
इससे मौके पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। लेकिन बाद में तहसीलदार के समझाने पर दोनों पक्षों में मकान का महज बारजा तोड़ने को लेकर सहमति बन सकी। तहसीलदार का कहना है कि ओवरब्रिज की ढलाई में मकान का बारजा आड़े आ रहा है। इस पर सहमति से कार्य कराने का प्रयास किया जा रहा है।