सीआईएसएफ भर्ती के लिए अनपरा सहित जनपद के अन्य केंद्रों पर पहुंच रहे अभ्यर्थियों को अन्य परेशानियों के साथ्ा तीखी धूप से भी जूझना पड़ रहा है। ठहरने के साथ ही भोजन और पानी की समस्या परेशान किए हुए है। रोजाना कई अभ्यर्थी बीमार पड़ जा रहे हैं। धूप को देखते हुए भर्ती के लिए रिपोर्टिंग का समय भी सुबह पांच से छह बजे के बीच कर दिया गया है, लेकिन तपिश और भारी उमस कई अभ्यर्थियों को दौड़ शुरू होने से पहले ही थका दे रही है।
बताते चलें कि जिले में अनपरा, ओबरा, शक्तिनगर, विंध्यनगर को भर्ती केंद्र बनाया गया है और यहां स्थित बिजलीघरों के लिए सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ यूनिट को भर्ती प्रक्रिया पूरी कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निगरानी के लिए अफसरों को तैनात भी किया गया है, लेकिन तपती धूप के चलते अभ्यर्थियों का बुरा हाल है। स्थिति यह है कि अनपरा में प्रतिदिन आठ सौ अभ्यर्थियों को बुलाया जा रहा है।
औसतन पांच सौ अभ्यर्थी पहुंच रहे हैं। एक शिफ्ट में सवा से डेढ़ सौ की दौड़ कराई जा रही है, लेकिन अनपरा में अभ्यर्थियों के रात्रि विश्राम के साथ ही, स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की उपलब्धता बड़ी चुनौती बनी हुई है। रात साढ़े नौ बजे के बाद भोजन मिलना भी मुश्किल हो जा रहा है। रोहित सहित कई अभ्यर्थियों का कहना था कि पेयजल के लिए भटकने वाली स्थिति बनी हुई है।
ठहराव की समस्या के साथ पहली शिफ्ट में दौड़ लगाने का मौका मिल जाए, इसके लिए तमाम अभ्यर्थी सीआईएसएफ मैदान के सामने से गुजरे काशी मोड़-अनपरा मार्ग के डिवाइडर पर ही सो जा रहे हैं। स्थिति यह है कि रात में इस रोड पर कोई वाहन अनियंत्रित हो जाए तो फिर इनका भगवान ही मालिक है। उधर, सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट अरुण कुमार का कहना था कि अभ्यर्थियों को कोई दिक्कत न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। रही डिवाइडर पर सोने की बात तो अभ्यर्थी पहले लाइन लगाने के चक्कर में वहीं सो जा रहे हैं।