सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जिलाध्यक्ष प्रभात सिंह चंदेल ने कहा कि प्रदेश सरकार रोजगार सेवकों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। यदि सरकार रोजगार सेवकों की भर्ती पर रोक नहीं लगाती तो पंचायत मित्र निरंतर आंदोलनरत रहेंगे। पंचायत मित्रों से मनरेगा से जुड़े कार्यों के अलावा मतदाता सूची, इंदिरा आवास, शौचालय, राशनकार्ड समेत अन्य कार्य कराया जा रहा है, फिर भी उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। इसे संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा। अध्यक्षता कर रहे सदर ब्लाक अध्यक्ष वेदप्रकाश तथा जिला मीडिया प्रभारी दिवाकर तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार तत्काल रोजगार सेवकों का बकाया मानदेय भुगतान करे।
वक्ताओं ने कहा शासन और जिला प्रशासन की लापरवाही से रोजगार सेवकों को मानदेय नहीं मिला है। प्रशासनिक अधिकारी मनरेगा के धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई विभाग को मस्टररोल दिया जा रहा है। मनरेगा गाइड लाइन के अनुसार गांवों में मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों के मानिटरिंग की जिम्मेदारी पंचायत मित्रों की है, लेकिन मनमाने तरीके से कार्य कराया जा रहा है। इस मौके पर योगेश दूबे, शबाना खातून, नार सिंह, धर्मवीर, मेराज अहमद, संतोष कुमार, शैलेश, संतोष गुप्ता मौजूद रहे। म्योरपुर प्रतिनिधि के मुताबिक ब्लाक मुख्यालय पर रोजगार सेवकों ने शुक्रवार को धरना दिया। उन्होंने मांगों का ज्ञापन बीडीओ आशाराम पटेल को सौंपा। धरने में अध्यक्ष हृदय नारायण, ज्ञानदास, संतोष कुमार, भूपेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार शामिल रहे।