जनपद में शुक्रवार को रंगों का त्यौहार (होली) मनाया जाएगा। इसको लेकर गुरुवार की रात जिले में 1489 जगहों पर बुराई की प्रतीक होलिका का दहन की गई।
आतिशबाजी के साथ ही ढोलक, झाझ-मजीरे की थाप पर देर रात तक फाग गाए गए। जगह-जगह भांग-ठंडई का दौर चला। बाजारों में रंगों के साथ ही मिठाई और कपड़े की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ी रही।
जिला अस्पताल, डिबुलगंज संयुक्त चिकित्सालय, म्योरपुर, चोपन, घोरावल सीएचसी के साथ ही दफ्तरों में पूर्व संध्या पर ही एक दूसरे को रंग लगाने के साथ अबीर-गुलाल उड़ाए गए।
सोनभद्र बार एसोसिएशन सभागार में फाग गाकर होली के मस्ती का लुत्फ उठाया गया। स्थिति नियंत्रण में रहे इसके लिए पुलिस चक्रमण बनाए रही। सामरिक महत्व वाले स्थलों के साथ ही सीमा पर अलर्ट की स्थिति रखी गई।
सूर्यास्त के बाद रात दस बजे तक होलिका जलाई गई। होलिका दहन के बाद लोगों ने एक दूसरे के गले मिल कर होली की बधाई दी।
इस दौरान जमकर अबीर-गुलाल उड़ाने के साथ ही मस्तानों की टोली देर रात तक फाग गाती रही। कहीं से किसी तरह की अप्रिय स्थिति न आने पाए, इसके लिए संबंधित थानों की पुलिस अपने-अपने इलाके में पूरी रात चक्रमण बनाए रही।
उधर, इससे पूर्व बाजार में नए कपड़ों की खरीदारी के साथ ही गुझिया, पापड़, नमकीन एवं अन्य मिठाइयों की खरीदारी का क्रम देर शाम तक चलता रहा।
सभी जगह एक दिन पूर्व से ही लोगों के सिर होली की खुमारी छाए रही। राबर्ट्सगंज परिक्षेत्र में एसडीएम राजेंद्र प्रसाद तिवारी, सीओ सच्चिदानंद, कोतवाल रमाकांत पांडेय, चौकी इंचार्ज संतोष यादव, दुद्धी परिक्षेत्र में एसडीएम गिरिजाशंकर सिंह, सीओ देवेश शर्म आदि हालात पर नजर बनाए रखे।
प्रभारी डीएम महेंद्र सिंह और एसपी शिवशंकर यादव भी पल-पल की जानकारी लेने के साथ ही मातहतों को जरूरी दिशा-निर्देश देने में लगे रहे।
उधर, डा. बीके सिंह, संजय कुमार सिंह आदि चिकित्सकों का कहना था रंग खेलते समय एहतियात जरूर बरतें, क्योंकि जरा सी चूक बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है।