बहुप्रतीक्षित कनहर सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य अपर जिलाधिकारी मनीलाल यादव और अपर पुलिस अधीक्षक रामयज्ञ की देखरेख में गुरुवार को भी जारी रहा।
करीब दर्जन भर मशीनें निर्माण कार्य में लगी हैं। दो दिन पूर्व एसडीएम और सीओ समेत अन्य पर हमला बोलने वाले आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
उधर विस्थापितों का पांगन नदी किनारे बेमियादी धरना जारी है। कनहर सिंचाई परियोजना के निर्माण को लेकर अमवार में तनाव का माहौल है।
दो दिन पूर्व प्रशासनिक और पुलिस पर हुए हमले के बाद निर्माण स्थल पर कई थानों की पुलिस के साथ ही पीएसी तैनात की गई है।
हमले में घायल एसडीएम दुद्धी अभय कुमार पांडेय, सीओ देवेश शर्मा और सिपाही की हालत में सुधार है। उनकी जगह एसडीएम सदर राजेंद्र प्रसाद तिवारी और सीओ सदर सच्चिदानंद मौके पर जमे हुए हैं।
गुरुवार को एडीएम और एएसपी भी निर्माण स्थल पर पहुंचे। निर्माण कार्य का जायजा लिया और अभियंताओं से कार्य की प्रगति की जानकारी ली। पुलिस पिछले दिन अधिकारियों पर हुए हमले में नामजद 17 और करीब पांच सौ अज्ञात में से अब तक एक भी हमलावर को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है लेकिन अब तक पुलिस किसी को पकड़ नहीं सकी है। बुधवार की शाम दुद्धी विधायक रूबी प्रसाद ने भी निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और प्रशासनिक अधिकारियों पर हुए हमले की निंदा की।
कहा कि कनहर सिंचाई परियोजना का निर्माण क्षेत्र के लोगों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इसका विरोध ठीक नहीं है।
उधर कनहर के विस्थापितों का बेमियादी धरना गुरुवार को तीसरे दिन भी पांगन नदी के किनारे जारी रहा। धरने पर पुरूषों से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के विस्थापित भी इस धरने में शामिल हैं। गुरुवार को धरने पर बैठे सीताराम, फूलकूंवर, रामविचार, राजकिशोर, राजेश शर्मा, गोविंद आदि की मांग है कि कनहर सिंचाई परियोजना का निर्माण हाईकोर्ट का आदेश आने तक रोका जाए और वर्ष 2013 के शासनादेश के तहत मुआवजा दिया जाए।
धरने पर इंद्रमाली, पकीरा, रजवंती, मानमती समेत तमाम लोग मौजूद रहे। इसी बीच भाकपा माले का एक प्रतिनिधि मंडल गुरुवार को पूर्व जिला सचिव वीगनराम गोड़ की अगुवाई में अमवार पहुंचे और दो दिन पूर्व हुए घटनाक्रम की जांच की। उनकी रिपोर्ट के बाद पार्टी आगे की रणनीति तैयार करेगी।