डेढ़ वर्ष पहले किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की कोर्ट ने दोषी हीरालाल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उस पर 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में से 25 हजार रुपये पीड़िता को मिलेंगे। अभियोजन पक्ष के मुताबिक ओबरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 17 अगस्त 2023 को थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था।
बताया था कि उसकी 13 वर्षीय बेटी 16 अगस्त की शाम 6 बजे शौच करने अपनी सहेली के साथ गई थी। रास्ते में उसकी बेटी को पकड़ कर हीरालाल और एक किशोर ने सामूहिक दुष्कर्म किया। उसकी सहेली डरकर भाग गई।
थाने पर सूचना देने पर जान मारने की धमकी देकर आरोपी चले गए। जब बेटी घर आई तो घटना की जानकारी दी। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और चार्जशीट दाखिल की। एक आरोपी नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली किशोर न्यायालय भेज दी गई।
बाद में किशोर न्यायालय ने 16 से 18 वर्ष की उम्र के आरोपी की सुनवाई का अधिकार क्षेत्र पॉक्सो कोर्ट को बताते हुए पत्रावली लौटा दी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, 7 गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी हीरालाल को उम्रकैद और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
दोषी नाबालिग को 20 वर्ष की कठोर कैद
अपर सत्र न्यायाधीश पाॅक्सो कोर्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने दुष्कर्म के दोषी किशोर को 20 वर्ष की कठोर कैद व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 8 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगा।