हिंदी दिवस पर सोमवार को जिले भर के विद्यालयों में विविध आयोजन किए गए। संत कीनाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गोष्ठी के साथ ही शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
विंध्य कन्या महाविद्यालय में छात्राओं ने विविध कार्यक्रम प्रस्तुत किए और हिंदी पर वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आय्रोिजत हुईं। प्राचार्या डा.अंजली विक्रम सिंह ने हिंदी पर प्रकाश डालाते हुए कहा कि हमारी मातृ भाषा है इससे हमें गौरव की अनुभूति होती है।
संत कीनाराम पीजी कालेज लोढ़ी में सोमवार को हिन्दी दिवस के मौके पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यापर्ण कर की गई।
निदेशक गोपाल सिंह ने कहा कि हिन्दी हमारी मातृभाषा है। इसका सम्मान मां की तरह होना चाहिए। बच्चा जब जन्म लेता है तो वह पहली बार अपनी मातृभाषा में ही बोलता है। विश्व का ऐसा कोई देश नहीं जहां हिन्दी बोलने व समझने वाले लोग मौजूद न हों।
प्रत्येक वर्ष बहुतायत संख्या में विदेश छात्री छात्राएं हिन्दी भाषा सीखने, पढ़ने और शोध के लिए भारत आते हैं। गोष्ठी में हिन्दी दिवस के अवसर पर आचार्य पं रामचन्द्र शुक्ल के प्रपौत्र योगेश शुक्ल, राष्टपति पुरस्कार से सम्मानित रमाकान्त कुशवाहा, शीतला सिंह, ओमप्रकाश त्रिपाठी, महिला पीजी कालेज की प्राचार्य डा सुषमा सिंह ने भी विचार व्यक्त किया।
यहां शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर गरिमा, शुभंागी, रश्मि, रिचा, प्रीति, ने गायन कर लोगों का मन मोह लिया। संचालन डा देवेन्द्र लाल ने किया।
जनपद न्यायालय में भी हिन्दी दिवस पर जनपद न्यायाधीश धर्मबीर सिंह की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में श्रीसिंह ने समस्त न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्तागण एवं कर्मचारियों को समस्त कार्य हिन्दी में करने पर बल दिया। बताया कि सामान्य वादाकारी हिन्दी भाषा को अच्छी तरह समझता है।
वादाकारियों की सुविधा को देखते हुए न्यायालय के आदेश व निर्णय और सभी प्रार्थना पत्र को हिन्दी में ही लिखना चाहिए। गोष्ठी में गजेद्रनाथ दीक्षित, अशोक तिवारी, पूनम सिंह ने भी विचार व्यक्त किया। इस मौके पर एडीजे एफटीसी विवेक, सीजेएम संजय कुमार यादव मौजूद रहे।
शहीद स्थल प्रबंधन समिति के तत्वाधान ग्राम प्रधान करारी के अध्यक्षता में हिन्दी दिवस के मौके पर कवि गोष्ठी का आयोजन राबट्र्सगंज हर्ष नगर में किया गया।