सोनभद्र। साढ़े तेरह वर्ष पूर्व 250 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़े गए तस्कर को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम खलीकुज्जमा की अदालत ने 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उस पर दो लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर दो वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक आठ दिसंबर 2009 की रात पिपरी थाने के प्रभारी निरीक्षक विजयमल सिंह यादव पुलिस बल के साथ गश्त पर थे। तभी रेणुकूट चौकी प्रभारी दीपेंद्र कुमार सिंह भी पुलिस बल के साथ रेणुकूट स्टेशन तिराहे पर आ गए। वहां चेकिंग के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर एक व्यक्ति को पकड़ा। तलाशी में उसके पास से 250 ग्राम हेरोइन बरामद हुआ। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रेमनाथ दुबे उर्फ मुन्ना निवासी नुआव थाना औराई जिला संत रविदास नगर (भदोही) बताया। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की और चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी प्रेमनाथ दुबे को 20 वर्ष की कैद व 2 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने 250 ग्राम हेरोइन को नष्ट करने का आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता शशांक शेखर मिश्र ने बहस की।