सोनभद्र। लंबे समय से फरार चल रहे वारंटी को मांची पुलिस ने गिरफ्तार तो किया लेकिन अधिक देर तक पकड़कर नहीं रख सकी। आरोपी मेडिकल के दौरान पुलिस को चकमा देकर तीन घंटे में ही फरार हो गया। अब मामले में दो पुलिस कर्मियों समेत तीन पर केस दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुट गई है।
वर्ष 2010 में चोरी से जुड़े एक मामले में मांची पुलिस ने मुन्ना आदि के विरुद्ध केस दर्ज किया था। इसी मामले में चिचलिक गांव निवासी रामवचन यादव पर न्यायालय से वारंट था। इसके अमल को लेकर महुली चौकी पुलिस के जवानों ने आरोपी को 23 दिसंबर को सुबह 140 बजे गिरफ्तार किया था।
उसे न्यायालय में पेश करने के लिए राबर्ट्सगंज स्थित न्यायालय के लिए सभी निकले थे। रास्ते में दो पुलिस कर्मी वारंटी रामबचन को लेकर मेडिकल कराने सीएचसी वैनी पहुंचे। वहां पुलिस रिपोर्ट बनवाने में लगी थी। इसी बीच पुलिस को चकमा वारंटी भाग निकला। उसके अचानक भागने से अस्पताल में अफरातफरी मच गई।
उसे अभिरक्षा में लेकर आए पुलिस कर्मचारियों के हाथ पैर भी फूल गए। लंबे समय से फरार चल रहे आराेपी के पुलिस अभिरक्षा से भागने की सूचना पर महकमे में हड़कंप मच गया। घटना के तीन दिन बाद सोमवार की शाम तक आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका था। मांची पुलिस की कई टीमें आरोपी की खोजबीन कर रही हैं।
थानाध्यक्ष ने दर्ज कराया केस
पुलिस अभिरक्षा से वारंटी के भागने के मामले में थानाध्यक्ष रामदरश ने मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रधान लेखक को संबोधित तहरीर दिया है। इसके आधार पर पुलिस ने फरार वारंटी रामवचन और लापरवाही में शामिल मुख्य आरक्षी रम्मन राव और आरक्षी रोहित सिंह पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।