सोनभद्र। जिले में छह दिन पूर्व हुए ओलावृष्टि से फसलों को खासा नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई है। प्रशासनिक स्तर से इसके सर्वे के बाद नुकसान संबंधित रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। उसमें फसलों को दस से 15 प्रतिशत तक नुकसान की बात बताते हुए किसानों को क्षतिपूर्ति देने की कवायद शुरू कर दी गई है। दुद्घी तहसील में सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
गौरतलब हो कि जिले में 21 फरवरी की रात में आंधी के साथ बारिश शुरू हुई। 23 फरवरी से 25 फरवरी के बीच रूक-रूक कर हुई बारिश के साथ ही केकराही, म्योरपुर, रेणुकूट समेत अन्य इलाकों में ओलावृष्टि होने से रबी की फसलों को नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि से सर्वाधिक नुकसान फूल ले रहे सरसो, मसूर, मटर, चना समेत अन्य फसलों को पहुंचा है। मामला संज्ञान में आने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम को ओलावृष्टि से फसलों को हुई क्षति का आकलन प्तकर शासन को रिपोर्ट मुहैया कराने के साथ ही प्रभावित किसानों को अविलंब क्षतिपूर्ति देने का निर्देश दिया। डीएम. एस राजलिंगम के निर्देश पर सदर एसडीएम यमुना धर चौहान, घोरावल एसडीएम प्रकाश चंद्र और दुद्धी उपजिलाधिकारी सुशील यादव ने लेखपालों के माध्यम से बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को पहुंची क्षति की रिपोर्ट तैयार कराया। तीनों एसडीएम ने रिपोर्ट तैयार कराकर एडीएम को उपलब्ध कराया। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि जिले में 23 फरवरी से 25 फरवरी के बीच बेमौसम वर्षा और ओलावृष्टि से दस से 15 प्रतिशत फसलों को क्षति पहुंची है। उपजिलाधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए फसलों के रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद शासन को भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।