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एक वोट से हार-जीत पर आपत्ति मामले में 17 को होगी सुनवाई

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ग्राम पंचायत चुनाव में चंदुआर ग्राम पंचायत एक वोट से योगेंद्र भारती की जीत मामले को लेकर प्रतिद्वंद्वी उर्मिला देवी ने एसडीएम कोर्ट में चुनौती देते हुए फिर मतगणना कराने की मांग की थी। इस मामले में 17 जून को सुनवाई होनी है। इसके लिए प्रधान पद के सभी प्रत्याशियों को नियत तिथि पर उपस्थित होने के लिए नोटिस भेजा गया है।
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म्योरपुर ब्लॉक के चंदुआर में 29 अप्रैल को हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजे दो मई को आए थे। इसमें गांव के योगेंद्र भारती को एक वोट से विजयी घोषित किया गया था। इस परिणाम पर आपत्ति जताते हुए प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी उर्मिला देवी ने एसडीएम कोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले में ग्राम पंचायत चंदुआर के प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को 17 जून को उपस्थित होने की नोटिस जारी की गई है। एक वोट से हारने वाली प्रधान पद की प्रत्याशी उर्मिला देवी का आरोप है कि मतगणना में कई तरह की लापरवाही बरती गई। आरोप है कि दोनों प्रधान पद के उम्मीदवार योगेंद्र कुमार भारती एवं उर्मिला देवी को 262-262 वोट मिले थे। इसका एनाउंस भी कर दिया गया था लेकिन कुछ देर बाद उर्मिला देवी को 262 मत एवं योगेंद्र कुमार भारती को 263 मत दिखाकर योगेंद्र कुमार भारती को एक वोट से विजयी घोषित कर दिया गया। इसके बाद उर्मिला देवी के एजेंट ने फिर से मतगणना कराने के लिए निवेदन पत्र दिया लेकिन संबंधित अधिकारी ने अस्वीकार कर दिया। इस मामले में दूसरा तर्क ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य के मतों की संख्या में अंतर को बताया जा रहा है। दावा है कि ग्राम प्रधान के चुनाव में बूथ संख्या 144 पर 516, बूथ संख्या 145 पर 328 और बूथ संख्या 146 पर 298 मत पड़े थे। कुल 1142 वोट पड़ने की घोषणा की गई लेकिन मतगणना में 1136 मत का ही जिक्र किया गया। इन्हीं कारणों से प्रधान पद की महिला प्रत्याशी रहीं उर्मिला देवी ने पुनर्मतगणना कराने के लिए एसडीएम न्यायालय का शरण ली है।
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