ठेकेदारी में साझेदारी के विवाद में कूटरचना कर 1.27 करोड़ का चेक बाउंस कराने के मामले में नया मोड़ आया है। फर्जीवाड़े के आरोप में जिस पिता-पुत्र पर एफआईआर दर्ज हुई है, उन्होंने बृहस्पतिवार को सामने आकर अपना पक्ष रखा। बताया कि पूरे मामले में वह खुद पीड़ित हैं। उनके साथ बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की गई। कोर्ट से एनबीडब्ल्यू जारी होने के बावजूद दूसरे पक्ष पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। अलबत्ता अब उन्हीं पर झूठा आरोप लगाकर एफआईआर कराई गई है। उन्होंने एसपी को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि ठेकेदारी कार्य के लिए सहयोग मांगने पर पिता आनंद प्रताप सिंह ने बलदेव सिंह को लगभग 1.78 करोड़ रुपये की धनराशि दी थी। रकम लेने के कुछ समय बाद ही बलदेव सिंह की ओर से हिसाब-किताब देने में टालमटोल शुरू कर दी गई। कई बार कहने के बावजूद जब अंतिम हिसाब प्रस्तुत नहीं किया गया तब उन्होंने फाइनल भुगतान और सेटलमेंट के लिए लगातार दबाव बनाया। लगातार मांग के बाद बलदेव सिंह ने कुल 1.78 करोड़ रुपये के पांच चेक सौंपे, जो चेक बाउंस हो गए। तब उन्होंने न्यायालय की शरण ली। अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। बावजूद अब तक गिरफ्तारी नहीं की गई।