शक्तिनगर। एनसीएल खड़िया कोयला खदान में बृहस्पतिवार शाम हुए दो हादसों में जनधन की भारी क्षति हुई। पहली घटना में कैंपर चालक दीपक (20) की हॉलपैक से कुचलकर मौत हो गई। वहीं दूसरी घटना में खड़िया खदान के ओवर बर्डेन (ओबी) कट क्षेत्र में हुई। यहां चल रही अरबों की कीमत की ड्रैग लाइन मशीन में आग भड़क गई। दोनों घटनाओं पर एनसीएल मुख्यालय ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
पहली घटना शाम चार बजे के आसपास खदान क्षेत्र के कोल भंडार एरिया में हुई। यहां हॉलपैक (खदान क्षेत्र में तय सड़क पर चलने वाला बड़ा डंपर) ने कैंपर को टक्कर मार दी। कैंपर चालक तारापुर परसवार राजा निवासी दीपक (20) ने वाहन से कूद जान बचाने की कोशिश की, लेकिन बच नहीं सका। हालपैक में फंसी कैंपर करीब तीन सौ मीटर आगे अगले कट तक पहुंच गई। अधिकारी एंबुलेंस सहित पहुंचे और चालक को अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रात में जानकारी पर पहुंचे परिजनों व ग्रामीणों ने कोयला क्षेत्र के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बैरियर पर हंगामा किया।
दूसरी घटना खड़िया खदान के ओवर बर्डेन (ओबी) कट क्षेत्र में हुई। यहां चल रही अरबों की कीमत की ड्रैग लाइन मशीन में आग भड़क गई। इसके चलते मशीन को बड़ी क्षति पहुंची। कोयला कर्मियों के मुताबिक क्षति का आकलन करोड़ों में किया जा रहा है। खदान हादसे में चालक की मौत पर प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र राय ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में युवक किसी मरम्मत कार्य से संबंधित कार्य के लिए खदान परिसर में पहुंचने की बात सामने आई है, वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद संभव है।
-
बिना वीटीसी चालक, कोयले की आग से क्षति का दावा
एनसीएल खड़िया कोयला खदान में बृहस्पतिवार को हुए हादसों को लेकर कोयला व संविदा कर्मियों का दावा जांच के दायरे में आ सकता है। आरोप है कि जिस चालक की मौत हुई उसके पास वोकेशनल ट्रेनिंग सर्टिफिकेट (वीटीसी) नहीं था। एसओपी को बाईपास कर उसे खदान क्षेत्र में वाहन चलाने की अनुमति दी गई थी, दूसरा हॉलपैक रोड (हाल रोड) में कैंपर या लाइट व्हैकिल रोड में हालपैक गया यह भी लापरवाही वाला जांच का पहलू है। इसी तरह आरोप है कि ड्रैग लाइन मशीन के पास उच्च गुणवत्ता के अघोषित कोयला भंडार में पहले से आग लगी थी लेकिन इसे नजरअंदाज किया गया। इसी वजह से मशीन जली।
दोनों मामलों के जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इस पर एनसीएल मुख्यालय का रुख सख्त है। जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।- राम विजय सिंह, प्रवक्ता, एनसीएल।
एनसीएल खड़िया कोयला खदान में हादसे पर पहुंची एंबुलेंस व अधिकारियों के वाहन।स्रोत जागरूक पाठक