सोनभद्र जिले के बभनी थाना क्षेत्र के सागोबांध गांव से वर्ष 2005 में विस्फोटक और तमंचा के साथ गिरफ्तार छत्तीसगढ़ के हार्डकोर नक्सली संजय गौड़ को न्यायालय ने पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा न करने पर नौ माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। नक्सली के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और आयुष अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था।
अभियोजन के मुताबिक बभनी के तत्कालीन थानाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने पुलिसकर्मियों के साथ सांगोबांध से 30 सितंबर 2005 को छत्तीसगढ़ प्रांत के नक्सली संजय गौड़ को गिरफ्तार किया था। छत्तीसगढ़ राज्य के बलरामपुर जिले के गांजर गांव निवासी संजय गौड़ की तलाशी लेने पर 10 अदद जिलेटिन, 10 अदद डेटोनेटर तार, एक तमंचा और दो कारतूस बरामद हुआ था।
पुलिस ने नक्सली के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और आयुष अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राहुल मिश्रा की अदालत में मामले की सुनवाई हुई।
पुलिस की तरफ से पेश किए गए गवाहों के बयान व साक्ष्य के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने संजय गौड़ को पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई है।