सोनांचल में बुधवार को धूमधाम से छोटी दिवाली मनाई गई। नरक चतुर्दशी के अवसर पर कूड़े के ढेर पर लोगों ने दीप भी जलाए। बाजारों में लोगों ने मिट्टी के दीये, चूरा, लाई, पटाखा, चीनी की बनी मिठाईयां आदि सामानों का क्रय किया। दिन भर दूकानों पर पर्व की तैयारी में जरूरी चीजों को खरीदने के लिए लोग आते रहे। पर्व का उल्लास पूरे जिले में दिख रहा है।
गौरतलब है कि राबट्र्र्सगंज के रामलीला मैदान में धनतेरस पर्व से ही पटाखा, चूरा, लाई, मिटट्ी के दीये, गणेश, लक्ष्मी की प्रतिमा, मोमबत्ती, मिठाई, झालरों की दूकानें सजी हुई हंै। बुधवार की दोपहर बाद बाजार में लोग सामानों का क्रय करने के लिए पहुंचे। महंगाई की वजह से मध्यम और गरीब तबके लोग कम मात्रा में ही सामानों का खरीदा। हालांकि संपन्न लोगों ने त्योहार पर भरपूर खरीदारीकी। लाई-चूरा के विक्रेता सुकालु केशरी, बबलू और संजय ने कहा कि जीएसटी, नोटबंदी और सूखे का असर कारोबार पर साफ-दिखाई दे रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दस से 15 प्रतिशत महंगाई है। कहा कि संभावना है कि गुरुवार को सामानों की बिक्री अधिक होने की उम्मीद है। पटाखा विक्रेता सुरेश अग्रहरि, चंदन केशरी, लालू आदि का कहना है कि पटाखा के दामों बढ़ोत्तरी हुई है। कहा कि मामूली मुनाफा लेकेर कारोबार किया जा रहा है, फिर भी पिछले वर्ष की तुलना में अभी तक कारोबार में काफी कम हुआ है। वैसे उम्मीद है कि दिवाली के दिन अधिक कारोबार हो सकेगा। घोरावल क्षेत्र में दीपावली को लेकर लोगों में खुशी है, लेकिन महंगाई की वजह से अधिकांश लोग पूजन-अर्चन के लिए ही मिठाई, प्रतिाम समेत अन्य सामानों को खरीद सकें। रामगढ़, मधपुर, चोपन, डाला, कोन, खलियारी, वैनी संवाददाता के अनुसार दीपावली पर्व को लेकर लोगों में हर्ष है। घरों की साफ-सफाई करने के साथ ही लोग पूजन-अर्चन की तैयारी में जुटे हुए है। इस बार लाई 40 से 45 रुपये किलो, चूड़ा पचास से 60 रुपये, रेवड़ी 80 से सौ रुपये, खिलौने वाली मिठाई 90 से सौ रुपये प्रति किलो बिक रही है। गणेश लक्ष्मी की प्रतिमा 25 से तीन सौ रुपये में उपलब्ध है।