रामगढ़। कोरोना के कारण बंद चल रहे परिषदीय विद्यालयों को खुले एक सप्ताह बीत गए, मगर अब तक वहां पढ़ाई सुचारु नहीं हो पाई है। स्कूल आ रहे शिक्षक बच्चों को मिड डे मील के राशन और कंवर्जन शुल्क की राशि वितरण का हिसाब लगाने में व्यस्त हैं। हर बच्चे को इसका लाभ पहुंचाने में ही उनका दिन बीत जा रहा है। उधर, टीवी, मोबाइल और रेडियो के अभाव में बच्चे खुद भी ऑनलाइन शिक्षा से नहीं जुड़ पा रहे। लिहाजा स्कूल खुलने के बाद भी वहां पढ़ाई ठप है। चतरा ब्लाक में कुल 81 प्राथमिक, 14 उच्च प्राथमिक और 29 कंपोजिट विद्यालय हैं। एक जुलाई से ही विद्यालय खोलकर पढ़ाई कराने का निर्देश है। बच्चों को घर बैठकर ऑनलाइन माध्यम से जुड़ने को कहा गया है। प्राथमिक विद्यालय रेटी कलां की प्रधानाचार्या ज्योति तिवारी कहती हैं कि विद्यालय पर बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई मोबाइल और नेटवर्क के कारण दिक्कत हो रही है। कोरियांव उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक शिव शंकर देव पांडेय ने कहा कि दूरदर्शन यूपी पर प्रतिदिन सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक हर कक्षा के बच्चों को अलग अलग समय पर पढ़ाया जाता है लेकिन उसका लाभ बच्चे नहीं ले पाते हैं। इस वक्त मिड डे मील का राशन और कंवर्जन कास्ट हर बच्चे तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। उच्च प्राथमिक विद्यालय खड़ुई की प्रधानाचार्या किरण देवी ने कहा कि अभिभावकों के पास स्मार्ट फोन और नेटवर्क की समस्या से बच्चे पढ़ नहीं पा रहे। कुछ बच्चों को अध्यापक घर जाकर अपने मोबाइल से पढ़ाते हैं। सभी को ऑनलाइन शिक्षा दे पाना संभव नहीं हो पा रहा है। इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी दिलीप कुमार ने कहा कि व्हाट्सएप और टीवी से 10 प्रतिशत बच्चे ही पढ़ पा रहे हैं। मोबाइल और नेटवर्क की उपलब्धता न होने से काफी दिक्कत हो रही है। सभी अध्यापक नियमित विद्यालय जा रहे हैं, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण शिक्षा नहीं मिल पा रही है।