सोनभद्र। राॅबर्ट्सगंज स्थित गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा में सिख संप्रदाय के नौंवे गुरु तेगबहादुर सिंह का शहीदी दिवस मनाया गया। रागी जत्थे ने गुरुवाणी का पाठ किया। सबद-कीर्तन गाया। गुरुजी के व्यक्तित्व और कार्यों पर प्रकाश डाला।
सरदार जसवीर सिंह ने कहा कि गुरु तेग बहादुर का जन्म वर्ष 1621 में अमृतसर में हुआ था। उनका नाम त्यागमल था, मगर तलवार चलाने में महारथ के कारण उनका नाम तेग बहादुर रखा गया। वह शुरू से ही शांत स्वभाव विचारवान गंभीर थे। मुगल शासक औरंगजेब के अत्याचार व हिंदुओं के जबरन धर्म परिवर्तन की घटना के बाद वह धर्म रक्षा के लिए आगे आए। गुरु तेग बहादुर को धर्म परिवर्तन के लिए बहुत लालच दिया गया, लेकिन वह डिगे नहीं। गुरुजी को चांदनी चौक शहीद कर दिया गया। इसलिए गुरु तेग बहादुर सिंह को हिंद की चादर भी कहा जाता है। इस मौके पर अजीत सिंह, भंडारी दया सिंह, बलविंदर सिंह, रवि गोल्डी, पारब्रह्म सिंह आदि मौजूद रहे।