सोनभद्र। अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनभद्र पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने शुक्रवार को दुष्कर्म के मामले में दोषी सिराज को दोषसिद्ध पाकर सात साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। साथ ही अर्थदंड की धनराशि का 50 प्रतिशत पीड़िता को मिलेगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक घोरावल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने घोरावल थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 11 जुलाई 2010 को सुबह पांच बजे हैंडपंप पर पानी भरने गई थी जहां पर घोरावल थाना क्षेत्र के बेलवनिया गांव निवासी सिराज ने उसे पीछे से मुंह दबाकर पकड़ कर घर में ले गया और जबरन दुष्कर्म किया। शोरगुल सुनकर शेरू मौके पर पहुंचा। उसके साथ भी सिराज ने हाथापाई की। शेरू के अलावा पास पड़ोस के तमाम लोग आ गए और घटना को अपनी आंखों से देखा और सुना। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की तो सिराज के विरुद्ध पर्याप्त सबूत मिला। इस पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने पर पर्याप्त सबूत पाए जाने पर दोषी सिराज को सात साल का कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि का 50 प्रतिशत पीड़िता को मिलेगी।