मारकुंडी घाटी स्थित सोन ईको प्वाइंट पर गणेश प्रतिमा का पूजन करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल।
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दो दिवसीय भ्रमण पर बुधवार की देर शाम सोनभद्र पहुंचीं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल सलखन में करोड़ों साल पुराने जीवाश्म का भंडार देख चौंक गईं। करीब जाकर उसे बारिकी से देखा। उसकी प्राचीनता और खूबियों की जानकारी ली। उसे संरक्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां फासिल्स टूरिज्म एजुकेशन सेंटर खोलने का सुझाव दिया। राज्यपाल ने सोन ईको प्वाइंट से मारकुंडी घाटी में प्रकृति का सौंदर्य भी निहारा। यहां आदिवासी कलाकारों ने परंपरागत करमा नृत्य से उनका स्वागत किया।
निर्धारित कार्यक्रम से करीब दो घंटे विलंब से पहुंचीं राज्यपाल का सर्किट हाउस में डीआईजी आरके भारद्वाज, सोनभद्र डीएम चंद्र विजय सिंह, मिर्जापुर के डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने पुष्प देकर स्वागत किया। सर्किट हाउस में कुछ देर रुकने के बाद वह सड़क मार्ग से सीधे सलखन फासिल्स पार्क रवाना हो गईं। डीएफओ संजीव सिंह ने उन्हें सलखन के फासिल्स (जीवाश्म) के इतिहास और खूबियों की विस्तार से जानकारी दी। बताया कि करीब 150 करोड़ साल पुराना यह फासिल्स प्रिकैम्बियन काल का है। अमेरिका के येलो स्टोन फॉसिल्स से भी अधिक मात्रा में मौजूद है। इसे दुनिया का नंबर वन फॉसिल्स माना गया है। राज्यपाल ने पूरे पार्क का गहनता से निरीक्षण किया। फॉसिल्स के संरक्षण के साथ यहां पर्यटन के विकास के लिए सलखन फॉसिल्स टूरिज्म एजूकेशन सेंटर खोलने का सुझाव दिया। गुजरात में पर्यटन के लिए किए गए कार्य बताते हुए कहा कि थोड़ी-थोड़ी दूरी पर साइनेज लगाए जाएं, जिससे हाईवे पर चलते समय लोगों को इस फॉसिल्स पार्क के बारे में जानकारी मिलती रहे। लोग इसकी खूबियां जानेंगे तो यहां आने के लिए विवश होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन से इसके लिए प्रयास करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह, सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा भी मौजूद रहे।
पर्यटन का गुजरात मॉडल अपनाने को किया प्रेरित
करीब 20 मिनट तक फासिल्स पार्क में रुकने के बाद वह सोन ईको प्वाइंट पहुंचीं। यहां से मारकुंडी घाटी के प्राकृतिक सौंदर्य को निहारा। ढलते शाम में बीच घाटी का नजारा अलौकिक था। परिसर में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा पर पुष्प अर्चन करने के बाद उन्होंने आदिवासी करमा नृत्य भी देखा। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बृजेश यादव और एडवेंचर टूरिज्म के डायरेक्टर नीरज द्विवेदी से यहां के आध्यात्मिक, प्राकृतिक, ऐतिहासिक धरोहरों की जानकारी ली। वीर लोरिक और मंजरी की प्रेेम कथा, कण्व ऋषि की तपोस्थली, चंद्रकांता के तिलिस्मी किस्सों के बारे में जानने के बाद उन्होंने यहां पर्यटन की दृष्टि से भरपूर काम करने की जरूरत बताई। कहा कि विद्यार्थियों को इन स्थलों पर लाया जाए। उन्हें यहां की सुंदरता दिखाएं, इतिहास बताएं। गुजरात मॉडल का जिक्र करते हुए मार्केटिंग ऑफ टूरिज्म की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया।
लोढ़ी स्थित सर्किट हाऊस में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का स्वागत करते डीएम चंद्र विजय सिंह- फोटो : SONBHADRA