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कोराना से अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी उठाएगा शासन

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सोनभद्र। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश रजत सिंह जैन ने बताया कि कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ दिए जाने के लिए निर्देश दिए गये हैं। इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पूर्णकालिक सचिव पंकज कुमार ने बताया कि कोविड 19 से जो बच्चे अपने माता-पिता को खो चुके हैं। उनके जीवन को संवारने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया गया है। इसका मूल उद्देश्य परेशान बच्चों को तत्काल मदद पहुंचाना है और उनको गलत हाथों में जाने से बचाना है। योजना में शून्य से 18 साल के ऐसे बच्चे शामिल किए जाएंगे, जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु कोविड कॉल में हो गई। या दोनों की मृत्यु एक मार्च 2020 से पहले हो गई थी, या फिर वैध संरक्षक की मृत्यु कोविड काल में हो गई। इसके अलावा शून्य से 18 साल के ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु कोविड कॉल में हो गई हो और वह परिवार का मुख्य कर्ता धर्ता हो। वर्तमान में जीवित माता या पिता सहित परिवार की आय दो लाख रुपये प्रति वर्ष से अधिक न हो। ऐसे लोगों को योजना में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में चार हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
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