उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स और मिड-डे-मील वर्कर्स यूनियन ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। मानदेय में वृद्धि, बकाया भुगतान सहित अन्य मांगों को लेकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि आशाओं से विभिन्न योजनाओं में काम लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें तय प्रोत्साहन राशि नहीं दी जा रही। आयुष्मान कार्ड, आभा कार्ड, रुबैला, खसरा टीकाकरण सहित अन्य कार्यों के बदले प्रोत्साहन राशि का वादा किया गया था।
कोरोना काल में भी सेवा देने वाली आशाओं को प्रोत्साहन राशि, बीमा से लाभान्वित करने की घोषणा अब तक छलावा साबित हुई है। मिड-डे-मील वर्कर्स के साथ भी भेदभाव किया जा रहा है।
विद्यालय बंद होने की दशा में समायोजन की व्यवस्था लागू होनी चाहिए। उन्हें 12 माह का मानदेय दिया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में अनीता, फूलमति, चंपा, कविता, सुनीता, सरोज, निरुपमा देवी, अनिशा देवी आदि शामिल रहीं।