जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज समेत जिले भर में शुक्रवार को दूसरे दिन भी कुहरा छाया रहा। इसकी वजह से स्वर्णजयंती 18, मूरी एक्सप्रेस 12 घंटे बिलंब से स्टेशन पर पहुंची। इसके अलावा छह अन्य ट्रेन भी अपने निर्धारित समय से देर में पहुंची। इससे दूर की यात्रा करने वाली यात्री परेशान रहे। दूसरे दिन दोपहर बाद तक कुहरा छाया रहा।
बता दें कि कुहरे की वजह से शुक्रवार को दूसरे दिन भी ट्रेनों की रफ्तार थमी रही। कुहरे के साथ ही अचानक ठंड में हुए इजाफा से यात्री हलकान रहे। स्टेशन पर ट्रेन पकडने के लिए पहुंचे यात्रियों को ठंड में इंतजार करना पड़ा। ठंड से निजात के लिए रेलवे प्रशासन की ओर से कोई प्रबंध नहीं किया गया है, लेकिन स्टेशन के अगल-बगल लोग अलाव जलाते रहे। चोपन स्टेशन अधीक्षक जमुना प्रसाद ने बताया कि दिल्ली से हटिया जाने वाली झारखंड स्वर्णजयंती एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 18 घंटे बिलंब से पहुंची। जम्मूतवी-राउरकेला मूरी एक्सप्रेस भी 12 घंटे बिलंब रही। इसी प्रकार से हाबड़ा से जबलपुर जाने वाली शक्तिपुंज एक्सप्रेस चार घंटे, जबलपुर से हाबड़ा जाने वाली शक्तिपुंज एक्सप्रेस एक घंटे, बरवाडीह से चुनार जाने वाली पैसेंजर चार घंटे, कटनी-चोपन पैसेंजर चार घंटे, बरेली से शक्तिनगर जाने वाली त्रिवेणी एक्स. चार घंटे, शक्तिनगर-वाराणसी जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे बिलंब से पहुंची। इसकी वजह से यात्रियों को ठंड के मौसम में घोर परेशानी उठानी पड़ी।