आर्थिक तंगी के कारण इलाज की उम्मीद खो चुके सिंगरौली के सरई ग्राम की एक छह वर्षीय बालिका के लिए एनसीएल की सीएसआर पहल नन्हा सा दिल जीवनदायिनी साबित हुई। जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित इस बच्ची का पूरी तरह निशुल्क इलाज कराकर उसे नया जीवन दिया गया। किसान परिवार की मासिक आय मात्र 5–6 हजार रुपये होने के कारण प्रांजली प्रजापति के माता-पिता लंबे समय से उसकी बीमारी को लेकर परेशान थे। बच्ची को अक्सर थकान, कमजोरी और सामान्य गतिविधियों में कठिनाई होती थी, लेकिन सही बीमारी का पता नहीं चल पा रहा था। इसी दौरान नन्हा सा दिल–एनसीएल कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य जांच दल गांव पहुंचा। जांच में हृदय रोग की आशंका जताते हुए बच्ची को आगे की जांच के लिए रेफर किया गया। बाद में सीएचसी देवसर में आयोजित इको जांच शिविर में विशेषज्ञों ने पुष्टि की कि बच्ची के दिल में छेद है। महंगे इलाज और ऑपरेशन की चिंता से परिवार निराश हो गया, लेकिन एनसीएल की पहल ने उन्हें संबल दिया। परियोजना के तहत परामर्श, यात्रा, आवास से लेकर ऑपरेशन तक का पूरा खर्च वहन किया गया। हरियाणा के पलवल स्थित अस्पताल में बच्ची का सफल ऑपरेशन पूरी तरह निशुल्क किया गया। अब प्रांजली स्वस्थ है और सामान्य जीवन जी रही है। वह नियमित स्कूल जाती है और अन्य बच्चों के साथ खेलकूद में भाग ले रही है। बता दें कि पिछले दो वर्षों में इस अभियान के तहत 1.75 लाख से अधिक बच्चों की जांच और लगभग 1400 बच्चों के जन्मजात हृदय रोग का उपचार संभव हुआ है।